पहली बार आयकर विभाग ने देश में करदाताओं की कुल संख्या, विभिन्न कैटेगरी के करदाताओं द्वारा आईटी रिटर्न में आय के खुलासे और चुने हुए समय में पैनकार्ड धारकों की संख्या के बारे में आंकड़े जारी किए हैं। आयकर विभाग का कहना है कि इन आंकड़ों को प्रकाशित करने का मकसद विभाग के कर्मचारियों और अकादमी जगत के लोगों द्वारा इसके व्यापक इस्तेमाल और विश्लेषण को बढ़ावा देना है।
टाइम सीरीज आंकड़ों के तहत 2,000-01 से 2014-15 वित्तीय वर्ष के बीच विभाग द्वारा किए गए वास्तविक प्रत्यक्ष कर संग्रह, प्रत्यक्ष कर और जीडीपी अनुपात, राजस्व एकत्र करने की लागत, प्रभावी असेसी की संख्या, काम के बोझ आईटी मामलों के निस्तारण का खुलासा किया गया है। विभाग ने असेसमेंट वर्ष 2012-13 के लिए करदाताओं द्वारा फाइल किए गए रिटर्न से जुड़े आंकड़े भी प्रकाशित किए हैं। इसमें वित्त वर्ष 2013-14 के अंत तक विभिन्न कैटेगरी और लिंग को परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) आवंटन का भी खुलासा किया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहली बार कुल 84 पेज का आंकड़ा जारी कर इसे सार्वजनिक किया गया है। कई अर्थशास्त्रियों और शोधकर्ताओं ने मांग की थी कि ऐसे आंकड़ों को सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए और इसे विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल पर अपलोड किया गया है।