केंद्र सरकार ने एक बार फिर से दो लाख रुपये का कैश ट्रांजेक्शन करने वालों पर सख्ती की है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे लोगों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो लोग इस नियम की अनदेखी कर रहे हैं उनके खिलाफ जुर्माना वसूला जाएगा।
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सोमवार को डिपार्टमेंट की तरफ से जारी पब्लिक नोटिस में कहा गया है कि जो लोग भी इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। नोटिस में कहा गया है कि 2 लाख रुपये से ज्यादा का एक व्यक्ति से एक दिन में ट्रांजेक्शन करने पर रोक लगा रखी है।
इसके साथ ही अचल संपत्ति के ट्रांसफर करने पर 20 हजार से अधिक का कैश ट्रांजेक्शन और 10 हजार से ज्यादा बिजनेस या प्रोफेशन में कैश खर्च करने पर रोक लगा रखी है। इसलिए सभी से उम्मीद की जाती है कि सारे ट्रांजेक्शन कैशलेस करें, जिससे क्लीन रहें।
इन पर नहीं कैश ट्रांजेक्शन पर रोक
आईटी डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि सरकार, बैंकिंग कंपनी, पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक या फिर कॉपरेटिव बैंक द्वारा इस तरह के कैश ट्रांजेक्शन पर रोक नहीं है। सरकार की मंशा पूरी तरह से कैश ट्रांजेक्शन पर रोक लगाने की है, जिससे काले धन पर रोक लगेगी।
फाइल फोटो
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दो लाख रुपये या उससे ऊपर के नकद लेन-देन पर पाबंदी का प्रावधान पांच मदों पर प्रभावी नहीं होगा। इसमें क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान और विभिन्न बैंकों के बैंकिंग करेसपोंडेंट द्वारा प्राप्त भुगतान भी शामिल है।
आयकर विभाग ने तीन जुलाई को जारी एक अधिसूचना के जरिए पांच मदों को इस पाबंदी से मुक्त किया है। इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान, किसी बैंक या सहकारी बैंक द्वारा नियुक्त बैंकिंग करेसपोंडेंट द्वारा प्राप्त भुगतान, प्रीपेड उत्पाद जारी करने वाले प्रतिष्ठान को किया गया भुगतान, व्हाइट लेबल एटीएम परिचालक द्वारा रीटेल आउटलेट से प्राप्त राशि तथा आयकर कानून, 1961 की धारा 10 की उपधारा (17ए) के तहत कुल आय में शामिल नहीं होने वाली रकम को इस पाबंदी से छूट दी गई है।
इनके ऊपर दो लाख रुपये या इससे ज्यादा के नकद लेन-देन पर पाबंदी का प्रावधान लागू नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि वित्त कानून 2017 के तहत १ अप्रैल, 2017 से दो लाख रुपये या उससे ऊपर के नकद लेन-देन पर पाबंदी है। राजस्व विभाग ने कहा है कि यह अधिसूचना १ अप्रैल, 2017 से प्रभावी मानी जाएगी।
इससे पहले, विभाग ने कहा था कि दो लाख रुपये की नकद लेन-देन की सीमा सरकारी खाते में की जाने वाली जमा, बैंक, डाकघर बचत बैंक की जमा या सहकारी बैंकों द्वारा प्राप्ति पर लागू नहीं होगी।