अधिकांश ग्राहक बीमा पॉलिसी में रियायती अवधि (ग्रेस पीरियड) के रूप में मिलने वाले फायदे से अंजान होते हैं। प्रत्येक इंश्योरेंस पॉलिसी में एक माह का ग्रेस पीरियड होता है। इसका मतलब है कि आप बिना किसी झंझट के अपनी पॉलिसी को रिन्यूअल की निर्धारित तारीख के एक महीने के भीतर रिन्यू करा सकते हैं।
--यदि आप जीवन बीमा पॉलिसी लेना चाहते हैं तो सबसे पहले आपने जिस बीमा कंपनी का चयन किया है उसके साथ पॉलिसी के लिए प्रपोजल या आवेदन फॉर्म भरना होगा।
--यदि आवेदन फॉर्म आपने स्वयं नहीं भरा है, उसमें पूछे गए सवाल की भाषा और आपके जवाब भी भाषा अलग-अलग है या आप निरक्षर हैं तो आपको डिक्लरेशन (घोषणा पत्र) देना होगा।
--यदि प्रपोजल फॉर्म में दी गई कोई भी जानकारी असत्य पाई जाती है, तो बीमा कंपनी को बीमा कांट्रैक्ट अमान्य करने और भुगतान की गई प्रीमियम राशि को जब्त करने का अधिकार होगा।
--बीमा नियामक इरडा के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बीमा अनुबंध पूरा होने के 30 दिन के भीतर बीमा कंपनी को प्रपोजल की कॉपी पॉलिसीधारक को भेजनी होती है।
--इरडा के अनुसार, बीमा कंपनी को प्रपोजल पर फैसला 15 दिन के अंतर करना होता है।
--आपकी पहली प्रीमियम रसीद (एफपीआर) इस बात का प्रमाण होती है कि आपका बीमा अनुबंध शुरू हो गया है। यदि पॉलिसी जारी होने के पहले, लेकिन एफपीआर जारी होने के बाद क्लेम की स्थिति बनती है, तो बीमा कंपनी को क्लेम का भुगतान करना होता है।
--जीवन बीमा पॉलिसी लेने के बाद यदि आप इससे संतुष्ट नहीं हैं, तो इरडा के निर्देशानुसार आपके पास पॉलिसी जारी होने के 15 दिन के भीतर बीमा अनुबंध वापस लेने का विकल्प होगा। इस 15 दिन के समय को ‘फ्री लॉक इन पीरियड’ या ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ कहते हैं।