इंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) के ताजा सर्कुलर के मुताबिक अब कर्मचारी को मिलने वाले अलग-अलग अलाउंस को बेसिक सैलरी से जोड़कर उस पर पीएफ काटा जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक इससे महीने के आखिर में मिलने वाली सैलरी की रकम घट जाएगी, लेकिन पीएफ में कंपनी और कर्मचारी का योगदान बढ़ जाएंगा।
हालांकि इस सर्कुलर के मुताबिक उन कर्मचारियों को इससे फायदा नहीं मिलेगा जिनका वेतन सीटीसी स्कीम के तहत मिलती है। मतलब पीएफ में कंपनी के योगदान सैलरी पैकेज का हिस्सा है तो पूरी कटौती वेतन से होगी। अभी तक अधिकांश कंपनियां पीएफ कंट्रीब्यूशेसंस (कर्मचारी और कंपनी प्रत्येक 12%) बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते पर काटती है।
कुछ कंपनियों पर आरोप लगते रहे हैं कि पीएम में अपना योगदान कम करने के लिए वे सैलरी को कई हिस्सों में बांट देती हैं। मद्रास और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी अलग-अलग मामलों में कहा था कि पीएफ के सेक्शन 2-बी के तहत कन्वेंस, एजुकेशन, फूड कंसेशन और सिटी कॉम्पेंसेशटरी अलाउंस को भी बेसिक सैलरी में जोड़कर पीएफ काटा जाना चाहिए।