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निवेश के मंत्र 10: टैक्स बचाना है तो ELSS फंड में करें निवेश

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 05 May 2020 06:09 PM IST
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टैक्स बचाने के लिए निवेश के तरीके - फोटो : AMAR UJALA

हर नौकरी करने वाले इंसान की ख्वाहिश होती है कि वो अपना टैक्स में बचत कर सके। टैक्स बचाना तो हर कोई जानता है लेकिन टैक्स बचाने के लिए अच्छी स्कीम में निवेश नहीं कर पाता। ज्यादातर निवेशक इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) के तहत टैक्स बचाने को अच्छा निवेश मानते हैं।



आयकर कानून की धारा 80सी के तहत ईएलएसएस फंड में निवेश करने पर हर साल डेढ़ लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। अगर आपने ज्यादा जोखिम उठाने की क्षमता है और आप ज्यादा लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं तो ईएलएसएस फंड आपके लिए अच्छा विकल्प है।


ईएलएसएस फंड में लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है इसलिए अगर पांच से सात साल के लिए निवेश कर सकते हैं तो ईएलएसएस फंड का चुनाव कर सकते हैं। हां लेकिन एक बात जरूर ध्यान रखें कि इक्विटी स्कीमों में जोखिम ज्यादा होता है।


अगर जोखिम उठाने की क्षमता कम है तो ईएलएसएस फंड में निवेश अच्छा विकल्प नहीं रहेगा। छोटी अवधि के लिए निवेश करने पर जोखिम का स्तर ज्यादा होता है इसलिए लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए इस फंड में निवेश किया जा सकता है। मुख्यत: ईएलएसएस में दो तरह के फायदे मिलते हैं...


फंड में निवेश करने पर टैक्स छूट

ईएलएसएस फंड में निवेश का सबसे मुख्य कारण टैक्स बचाना होता है। हर निवेशक टैक्स बचाने के लिए इस फंड में निवेश करता है। एक निवेशक हर साल डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश पर 46,800 रुपये तक का टैक्स छूट ले सकता है।


हालांकि आयकर कानून की धारा 80सी के तहत कुल डेढ़ लाख के टैक्स छूट की ही मंजूरी मिलती है लेकिन इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम में निवेश करने की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इसमें आप कितना भी निवेश कर सकते हैं।


फंड में लॉक-इन अवधि कम है

ईएलएसएस फंड में लॉक-इन की अवधि तीन साल की होती है। मौजूदा टैक्स सेविंग इंस्ट्रुमेंट में ईएलएसएस में ही सबसे कम लॉक-इन अवधि है। हालांकि ईएलएसएस में केवल तीन साल की अवधि होने के वजह से ही निवेश नहीं करना चाहिए।
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ईएलएसएस एक इक्विटी म्यूचुअल फंड है इसलिए इसमें कम से कम पांच से सात साल के निवेश नजरिए के साथ निवेश करना चाहिए। फाइनेंशियल पोर्टफोलियो में एक ईएलएसएस फंड जरूर होना चाहिए, इससे लंबी अवधि के लक्ष्यों को पाने में मदद मिलती है।


कोरोना काल में बाजार में उठापटक लगातार जारी है, ये समय निवेश के लिए अच्छा बताया जा रहा है। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से यह गिरावट और भी नीचे जा सकती है, इसलिए निवेशक इस समय पैसा लगाने को जोखिम से कम नहीं बता रहे हैं।

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