अगर इस साल आप किसी वजह से इनकम टैक्स रिटर्न 31 जुलाई से पहले नहीं फाइल कर सकते, तो घबराने की बात नहीं है। आप पर इस साल देरी से रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना नहीं लगेगा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने दिया स्पष्टीकरण
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बुधवार को साफ किया कि जुर्माने का नियम अगले वित्त वर्ष से लागू होगा, यानि 1 अप्रैल 2018 से। इसका मतलब यह है कि आप असेसमेंट ईयर 2016-17 और 2017-18 के लिए अगर रिटर्न 31 मार्च से पहले फाइल करते हैं तो फिर किसी तरह का कोई जुर्माना नहीं देना पड़ेगा।
बजट में किया था ये प्रावधान
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल के बजट में घोषणा की थी कि 1 अगस्त से 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल करने वालों पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। अगर 31 दिसंबर के बाद रिटर्न फाइल किया गया तो फिर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। हालांकि जिनकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है, उनसे केवल 1000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
आईटीआर के लिए ई-फाइलिंग शुरू
Govt notifies a new simplified Income Tax Return form, to be introduced from April 1
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आईटीआर की ई-फाइलिंग करने की सुविधा को शुरू कर दिया है। सभी करदाता 31 जुलाई तक अपना रिटर्न फाइल कर सकेंगे।
इस पोर्टल पर करना होगा रिटर्न फाइल
इसके लिए विभाग ने अपने आईटीआर ई-फाइलिंग पोर्टल incometaxindiaefilling.gov.in पर सभी नए आईटीआर फॉर्म को उपलब्ध करा दिया है। इनकम टैक्स विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि इसके लिए आधार नंबर की जरुरत पड़ेगी।
अधिकारी ने कहा कि टैक्सपेयर को अपने पिछले साल के आईटीआर, बैंक स्टेटमेंट, टीडीएस, सेविंग सर्टिफिकेट, फॉर्म 60 और टैक्स से जुड़े अन्य सभी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने होंगे।
आधार से करना ई-वैरिफाई
अधिकारी ने बताया कि टैक्सपेयर को अपने आईटीआर की ई-वैरिफिकेशन आधार से करना होगा। इसके बाद ITR-V (एक्नॉलेजमेंट फार्म) को बंगलुरू नहीं भेजना होगा। अधिकारी ने बताया कि इस वित्त वर्ष में अभी तक 259831 आईटीआर ई-वैरिफाई हो चुकें हैं। विभाग ने इस वित्त वर्ष के लिए 7 आईटीआर फॉर्म जारी किए हैं। विभाग ने पैन कार्ड अप्लाई करने वालों के लिए भी आधार कार्ड जरूरी कर दिया है।