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जानिए एचआरए से कैसे बचाएं टैक्स ...

Sun, 05 Mar 2017 01:56 PM IST
amarujala.com- Translated by: नवीन चौहान
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भारतीय वित्त वर्ष का अंतिम महीना मार्च आ गया है। ऐसे में सभी नौकरीपेशा लोगों के दिमाग में टैक्स बचाने के लिए उधेड़बुन चल रही है। ऐसे में सबका ध्यान एचआरए यानी होम रेंट एलाउंस की तरफ जा रहा है।
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इसके जरिए आसानी से टैक्स बचाया जा सकता है। आमतौर पर एचआरए सभी कर्मचारियों की सेलरी का अहम हिस्सा होता है। इसके बावजूद एचआरए बेसिक सेलरी की तरह पूरी तरह टैक्स के दायरे में नहीं आता। एचआरए के रूप में होने वाली आय आयकर कानून की धारा 10(13A) के अंतर्गत छूट मिली है। आईए जानें एचआरए के जरिए आप अपने टैक्स की बचत कैसे कर सकते हैं...

कुल टैक्सेबल इनकम की गणना एचआरए को कुल आय से घटाकर की जाती है। इससे कर्मचारी को टैक्स बचाने में मदद मिलती है। लेकिन एक बात याद रखें, यदि कर्मचारी अपने निजी आवास में रहता है या किसी तरह मकान का किराया नहीं देता है तो एचआरए के जरिए हुई आय टैक्स के दायरे में आती है। 
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एचआरए के रूप में टैक्स की बचत केवल वही नौकरीपेशा व्यक्ति कर सकता है जिसके सेलरी स्ट्रक्चर में एचआरए शामिल हो साथ ही वह किराए के मकान में रहता हो। स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति को एचआरए का लाभ नहीं मिलता है। एचआरए के फायदा अस अवधि तक ही मिलेगा तब तक वे किराए के मकान में रहे हैं।

कितना मिल सकता है लाभ

1.  एचआरए के रूप में होने वाली कुल आय 
2. महानगर में रहने वाले व्यक्ति को सैलरी के 50 प्रतिशत तक, गैरमहानगरीय क्षेत्रों में रहने वाले को सैलरी के 40 प्रतिशत तक
3. कुल वार्षिक आय का 10 प्रतिशत मकान किराए के रूप में देने पर 

टैक्स लाभ के लिए इन दस्तावेजों की होती है आवश्यक्ता 

एचआरए की छूट उसी स्थिति में मिल सकती है जब आपके पास किराया देने की रसीद या मकान मालिक के साथ हुआ रेंट एग्रीमेंट उपलब्ध हो। यदि किराएदार द्वारा दिया गया वार्षिक किराया 15,000 रुपये मासिक या 1 लाख रुपये वार्षिक से ज्यादा हो तो मकान मालिक का पेन कार्ड नंबर देना आवश्यक है। 
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किन विशेष परिस्थितियों में मिलती है छूट 

आयकर विभाग
एचआरए से संबंधित टैक्स छूट कुछ विशेष परिस्थितियों में भी मिलती है।

1. जब परिवारिक सदस्य को  सद्स्यों को किराय दिया जाए

ऐसी स्थिति में जिस जगह पर व्यक्ति रह रहा है। वह उसके नाम पर नहीं होनी चाहिए। ऐसे में यदि आप अपने माता-पिता के घर में रह रहे हैं तो आप एचआरए का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन आप अपने पति/पत्नी को मकान किराया नहीं दे सकते ऐसी स्थिति में एचआरए के जरिए टैक्स लाभ का फायदा नहीं उठा सकते। 

2. मकान मालिक हैं लेकिन दूसरे शहर में रहते हैं

यदि किसी व्यक्ति के पास अपना मकान है और वह दूसके शहर में नौकरी करने के लिए रहता है। ऐसा व्यक्ति जो होम लोन मूल और ब्याज की राशि पर टैक्स छूट के साथ-साथ एचआरए के जरिए मिलने वाली छूट का लाभ भी उठा सकता है। 

व्यक्ति जिसे एचआरए नहीं मिलता लेकिन मकान किराया देता है

एक ऐसा व्यक्ति जिसकी तनख्वाह में एचआरए का प्रावधान नहीं है। साथ ही ऐसा व्यक्ति जो नौकरीपेशा नहीं है लेकिन मकान किराया देता है। ऐेसे व्यक्तियों को  आयकर कानून की धारा 80(GG) का लाभ उठा सकते हैं। 

कैसे उठाएं 80(GG) का लाभ

1. यदि मकान किराया कुल आय के दस प्रतिशत से ज्यादा हो.
2. कुल आय का 25 प्रतिशत 
3. मासिक किराया 5000 प्रति माह हो

कौन सी शर्तें हैं लागू 

कर छूट के लिए एप्लाई करने से पहले व्यक्ति को यह हमेशा याद रखना चाहिए कि वह या उनके जीवन साथी, नाबालिग बच्चे या अविभाजित हिंदू परिवार के सदस्य के नाम कोई घर नहीं होना चाहिए। साथ ही व्यक्ति को अपने मकान से किसी तरह की आय किराए के रूप में नहीं होनी चाहिए।   
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