अब पांच साल किसी संस्थान में नौकरी करने के बाद ग्रैच्युटी 10 लाख रुपये बढ़कर मिलेगी। इसके लिए सरकार ने केंद्रीय भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। अब इसको लागू कब से किया जाएगा, इस पर सरकार विधानसभा चुनावों के बाद फैसला लेगी।
इसके साथ ही ईपीएफओ ने सरकार को ग्रैच्युटी ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं दी है। सरकार का कहना है कि वो इस संबंध में राय लेकर फैसला करेगी, क्योंकि इसके लिए ग्रैच्युटी एक्ट में बदलाव करना पड़ेगा।
सरकार करेगी ग्रैच्युटी एक्ट में बदलाव करने पर विचार
INTUC के प्रेसीडेंट और ईपीएफओ सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य डॉ. जी संजीव रेड्डी ने amarujala.com को फोन पर बताया कि ईपीएफओ की तरफ से सरकार को ग्रैच्युटी ट्रांसफर करने के लिए प्रस्ताव दिया गया था, जिसको सरकार ने फिलहाल तो अपनी हरी झंडी नहीं दी है, लेकिन विचार करने की मांग को मान लिया है।
सरकार का कहना है कि इसके लिए संसद के दोनों सदनों में संशोधन के लिए बिल रखना होगा, जो कि फिलहाल नहीं हो सकता है। इसके लिए सभी पक्षों और कानून मंत्रालय से विचार करके फैसला लिया जाएगा। अगर संसद से इस तरह का कोई बिल पास हो जाता है तभी इसका फायदा प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को मिलेगा।