केंद्र सरकार भविष्य निधि से पैसे निकालने पर कर लगाने संबंधी विवादित प्रस्ताव से कुछ वर्ग के कर्मचारियों को छूट देने के लिए अधिसूचना जारी करेगी। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वित्त विधेयक 2016 में छूट दिए जाने वाले कर्मचारियों के एक वर्ग को जोड़ा गया है।
सरकार अलग रखे गए कर्मचारियों के वर्ग को अधिसूचित करेगी, जिससे कि उन पर नई व्यवस्था प्रभावी न हो। गौरतलब है कि 2016-17 के आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल एक अप्रैल से पीएफ में जमा राशि की निकासी पर कुल के 60 फीसदी हिस्से पर कर लगाने का प्रस्ताव किया है।
अलग रखे गए कर्मचारियों में 15 हजार रुपये के मासिक वेतन वाले प्राथमिक तौर पर शामिल होंगे। वैसे कर्मचारी संघों और राजनीतिक दलों के विरोध को देखते हुए जेटली ने इस प्रस्ताव को वापस लेने की इच्छा जता दी है।
ईपीएफओ के 3.7 करोड़ अंशधारक हैं, जिसमें से करीब तीन करोड़ अंशधारक ऐसे हैं जिनकी आय 15 हजार रुपये से कम है। बजट प्रस्ताव के पीछे तर्क की व्याख्या करते हुए आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि ईपीएफ को सभी तीनों चरणों- जमा, ब्याज और निकासी पर कर छूट प्राप्त है। इसे मूल रूप से 15 हजार रुपये से कम आय वाले कर्मचारियों के लिए बनाया गया था।