सोने के आयात को घटाने के लिए सरकार निवेश के कई गोल्ड लिंक्ड प्लान लाने पर विचार कर रही है। इनमें गोल्ड डिपॉजिट, गोल्ड लिंक्ड खाते और पेंशन प्लान जैसी योजनाओं पर विचार किया जा सकता है। सरकार ने सोमवार को पेश की गई अपनी मध्य वार्षिक आर्थिक समीक्षा में इसका जिक्र करते हुए कहा है कि ऐसी योजनाएं निवेशकों को सोने की खरीदारी किए बिना ही इससे जुड़े लाभ उपलब्ध करा सकती हैं।
गोल्ड लिंक्ड योजनाएं लाने की इस सोच के पीछे दरअसल चालू खाते के घाटे को लेकर सरकार की बढ़ती चिंता भी कहीं न कहीं छिपी हुई है, क्योंकि भारी-भरकम मात्रा में देश में किया जाने वाला सोने का आयात इसकी एक बड़ी वजहों में शुमार है।
समीक्षा में कहा गया है कि सोने और आभूषणों की खरीद के आकर्षण को घटाने और सोने के आयात में हो रही लगातार बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए कुछ उपाय किया जाना जरूरी है और इसका विकल्प गोल्ड लिंक्ड योजनाएं हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन ने कहा कि सोने की खरीद में पैसा लगाए जा रहे पैसे को अन्य उपयोगी विकल्पों में लगाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सोने के बढ़ते आयात को लेकर सरकार खासी चिंतित है। ऐसे में गोल्ड लिंक्ड योजनाओं पर विचार किया जा रहा है। हालांकि हमें यह भी देखना होगा कि यह योजनाएं सोने की भौतिक मांग में कहां तक कमी ला पाती हैं।