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मोबाइल बैंकिंग में जरूर बरतें यह सावधानियां

Mon, 17 Dec 2012 10:43 AM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
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जैसे-जैसे देश में मोबाइल के जरिये इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ा है, तकरीबन उसी तेजी से मोबाइल बैंकिंग का भी दायरा बढ़ा है। बिना बैंक गए और कोई-लिखत पढ़त किए घर बैठे मोबाइल के जरिये बैंकिंग की सहूलियत ने इसे काफी तेजी से लोकप्रिय बना दिया है, पर इस सहूलियत के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हुए हैं, जिनसे थोड़ा सतर्क रह कर और कुछ सावधानियां बरत कर बचा जा सकता है।
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- पहला काम अपने मोबाइल फोन में ऑटो लॉक को एक्टिवेट करने का करें, ताक जब फोन इस्तेमाल में न हो तो लॉक स्वत: लॉक हो जाए। लॉक खोलने के लिए पासवर्ड ऐसा चुनें, जिसे आसानी से क्रैक कर पाना कतई मुमकिन हो। इसके लिए 8 या इससे ज्यादा करेक्टर वाला पासवर्ड बनाएं। पासवर्ड में लेटर (शब्द), न्यूमेरिकल्स (अंक) और सिम्बल्स या स्पेशल कैरेक्टर्स (चिह्नों) का इस्तेमाल कर काफी स्ट्रांग पासवर्ड तैयार किया जा सकता है।

- टेक्स्ट मेसेज के जरिये बैंकिंग संबंधी कोई भी महत्वपूर्ण या गोपनीय सूचना (अकाउंट नंबर, पासवर्ड, पैन कार्ड और जन्मतिथि) का खुलासा न करें। हैकर्स इन सूचनाओं का इस्तेमाल आपके बैंक अकाउंट तक सेंधमारी करने में कर सकते हैं।
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- हैकर्स द्वारा मोबाइल बैंकिंग संबंधी धोखाधड़ी बचने के लिए जरूरी है कि अपने मोबाइल फोन को सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर से प्रोटेक्ट करें। इसमें सॉफ्टवेयर फायरवाल और एंटी वायरस प्रोटेक्शन भी शामिल हैं।

-मोबाइल में कोई नया एप्लीकेशन, गेम, पिक्चर, म्यूजिक या वीडियो आदि डाउनलोड करते वक्त खास ध्यान रखें कि वह सोर्स या साइट भरोसेमंद हो क्योंकि ऐसी ही फाइलों के जरिये अक्सर लुके-छिपे ढंग से फोन की हैकिंग होती है या उसमें वायरस भेजा जाता है। जिस यूआरएल को लेकर आप आश्वस्त न हों, उसे फॉलो न करें। इसके अलावा मोबाइल से जंक और चेन मेसेज को भी डिलीट कर दें।

-वायरस से बचने के लिए जरूरी है कि जब आप ब्लूटूथ का इस्तेमाल न करें तो उसे स्विच ऑफ कर दें। इससे हैकर्स को आपके मोबाइल तक पहुंचने का मौका मिल सकता है।

- किसी दूसरे को मोबाइल बेचने या देने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपने सभी पर्सनल अकाउंट इन्फार्मेशन डिलीट या लॉक कर दी है।

- मोबाइल को हैकिंग और वायरस से बचाए रखने के लिए लगातार फायरबाल व सेफ्टी सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहना चाहिए। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर या सॉफ्टवेयर कंपनियां समय-समय पर अपडेट मुहैया कराती रहती हैं, जिन्हें इंस्टाल करते रहना चाहिए।
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- अपने मोबाइल ट्रांजेक्शन को सुरक्षित रखने के लिए रोजाना आधार पर ब्राउजिंग हिस्ट्री को डिलीट करते रहने की आदत बना लेना अच्छा रहता है।
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