हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को केंद्र सरकार की तरफ से बड़ी राहत मिली है। अब यात्री टिकट कैंसिल कराने के साथ ही पूरा रिफंड पा सकेंगे। यह नियम सभी देशी और विदेशी एयरलाइंस कंपनियों पर लागू होगा।
ऐसे मिलेगा टिकट का पूरा पैसा
नागर विमानन मंत्रालय में राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि अगर एयरलाइंस की गलती से फ्लाइट कैंसिल होती है, तो फिर यात्रियों को पूरा पैसा वापस करना पड़ेगा। पैसा वापस नहीं करने की सूरत में कंपनी को यात्री को दूसरी फ्लाइट में टिकट देना होगा और इसके लिए वो किसी तरह का कोई अतिरिक्त चार्ज यात्री से नहीं ले सकेगा।
हवाई यात्रा में विमानन कंपनियों की मनमानी पर सरकार नकेल कसने जा रही है। सरकार ने तय किया है कि घरेलू मार्गों पर टिकट बुक कराने के 24 घंटे के अंदर यादि कोई यात्री अपना टिकट रद्द कराता है तो उसे कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं देना होगा। यही नहीं, यदि इसी अवधि में कोई यात्री अपनी यात्रा की तिथि या समय में परिवर्तन करना चाहता है तो उसके लिए भी रिशिड्यूलमेंट चार्ज नहीं देना होगा।
केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने मंगलवार को हवाई यात्रा क्षेत्र के लिए कई सुधार की घोषणा की। इसमें संशोधित सिटिजन चार्टर मसौदा भी शामिल है जिस पर संबंधित हितधारकों से प्रतिक्रया मंगाई गई है। इस पर 31 मई तक प्रतिक्रिया स्वीकार की जाएगी और उसके बाद दो सप्ताह तक का समय इसके हिसाब से तब्दीली करने में लगेगा। उम्मीद जतायी गई है कि मध्य जून तक ये सुधार लागू हो जाएंगे।
बुकिंग के बाद 24 घंटे महत्वपूर्ण
सिटीजन चार्टर के मसौदा प्रावधानों की जानकारी देते हुए सिन्हा ने बताया कि टिकट बुकिंग के बाद 24 घंटे का लॉक इन ऑप्शन होगा। मतलब कि इस अवधि में यात्री चाहे तो अपने नाम में बदलाव, जगह में बदलाव या तिथि में बदलाव करवा सकेंगे। इसके लिए कोई रिशिड्यूलमेंट चार्ज देय नहीं होगा, यदि किराये में फर्क होगा तो सिर्फ वही देना होगा। यही नहीं, यदि कोई यात्री टिकट रद्द कराता है तो उस पर कोई रद्दीकरण प्रभार देय नहीं होगा। हालांकि यात्री ऐसा तभी कर पाएंगे जबकि उसके उड़ान भरने के समय में 96 घंटे शेष हो। मतलब कि यात्रा से चार दिन पहले इसका लाभ मिलेगा।
यात्रा में देरी होने पर देना होगा मुआवजा
अगर फ्लाइट में किसी प्रकार देरी होती है, तब एयरलाइंस कंपनियों को यात्रियों को किसी ने किसी तरीके से मुआवजा देना होगा।
इस बार गर्मियों के सीजन में अगर आप घूमने का प्लान कर रहे हैं तो फिर यह काफी सस्ता होगा। घरेलू यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद किरायों में इस बार 4-9 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। केवल एक सेक्टर पर किराया सबसे ज्यादा है।
बढ़ी 20 फीसदी मांग
गर्मियों में एयर टिकट बुक कराने वालों की संख्या में इस बार 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। डिमांड ज्यादा होने के बावजूद किराये में कमी देखने को मिली है। देश में कार्यरत विभिन्न ट्रेवल कंपनियों के अनुसार इस साल अप्रैल-जून के बीच कमी देखने को मिल रही है। वहीं इंटरनेशन सेक्टर में इसी अवधि के दौरान किराये में 19 फीसदी की कमी देखी गई है।