केंद्र ने किसान विकास पत्र योजना के 2014 से चल रहे नियमों में बड़ा बदलाव किया है। जिन नियमों को बदला गया है, उनमें निवेश से लेकर के मैच्योरिटी और खाते को बंद करना तक शामिल है।
9.5 साल में दोगुना होगा निवेश
भारत सरकार ने अपने पंत्राक संख्या जीएसआर 920 (ई) जो कि 12 दिसंबर 2019 को जारी किया गया था, उसके तहत किसान विकास पत्र 2014 के नियम बदले गए हैं। अगर आज की तारीख (4 जनवरी 2020) को कोई व्यक्ति 50 हजार रुपये जमा करता है, तो फिर चार जून 2029 को यह एक लाख रुपये बन जाएगा।
इतना करना होगा कम से कम निवेश
केवीपी में कम से कम किसी भी व्यक्ति को एक हजार रुपये का निवेश करना होगा। निवेश 100 के गुणांक में होगा। हालांकि इस योजना में निवेश की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति कितने भी खाते खोल सकता है।
नए नियमों के अनुसार मैच्योरिटी पर निवेशक को जमा पर दोगुना पैसा मिलेगा। मैच्योरिटी के बाद निवेशक को फॉर्म 2 भरकर के संबंधित पोस्ट ऑफिस जमा करना होगा। उसके बाद लोगों को पैसा उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। केवीपी को सरकार छोटी बचत योजनाओं के अंतगर्त चला रही है। इन पर मिलने वाला ब्याज हर तीन महीने में बदलता है। फिलहाल इस योजना पर 7.6 फीसदी ब्याज मिल रहा है।
बच्चों के नाम पर भी खरीद सकते हैं केवीपी
किसान विकास पत्र को किसी भी डाकघर से खरीदा जा सकता है। यह बच्चों के नाम पर भी बड़ों के द्वारा खरीदा जा सकता है। दो लोग भी इसको संयुक्त तौर पर खरीद सकते हैं। इस खाते को मैच्योरिटी से पहले भी बंद किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए केवीपी खरीदे व्यक्ति को फॉर्म-3 भरकर के देना होगा। ऐसा करने के लिए नियम है कि खाताधारक अथवा संयुक्त खाताधारक की मौत हो गई है।