लोन की अवधि बढ़वाएं
अगर आप ईएमआई का भुगतान समय पर नहीं कर पा रहे हैं और इसकी वजह से आप आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तो आप अपने मौजूदा ऋणदाता से लोन की अवधि बढ़ाने का अनुरोध कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको राशि का भुगतान करने के लिए और समय मिल जाएगा। भुगतान के लिए ज्यादा समय मिलने पर आप डिफॉल्ट की संभावना से बच जाएंगे। हालांकि अगर आप लोन की अवधि बढ़ा देते हैं, तो इसके लिए आपको ज्यादा ब्याज का भुगतान भी करना होगा।
अधिक लोन लेने से बचें
अगर आपने पहले से लोन ले रखा है लेकिन आपको और पैसों की जरूरत है, तो आपको और अधिक लोन लेने से बचना चाहिए। कईं लोग ऐसे हैं जिन्होंने पहले से लोन ले रखा होता है लेकिन जरूरत पड़ने पर दोबारा लोन ले लेते हैं। ऐसी स्थिति से आपको बचना चाहिए। इसके लिए आप हमेशा इमरजेंसी फंड अपने पास रखें।
एक से अधिक लोन का करें समेकन
यदि आपके पास कई सारे लोन हैं, तो आप उनका समेकन कर सकते हैं। ऐसा करने से आपकी केवल एक ईएमआई बन जाएगी और बार-बार ईएमआई भुगतान करने की चिंता भी नहीं होगी।
ईएमआई का प्रीपेमेंट करने से पीछे न हटें
अगर किसी महीने आपकी ज्यादा कमाई हो जाती है, तो भविष्य में दी जेने वाली ईएमआई का भुगतान पहले ही कर लें। इससे लोन की अवधि कम होगी। शुरुआती सालों में ईएमआई का प्रीपेमेंट आपको लोन की अवधि काफी ज्यादा कम कर देता है।
कम ब्याज दर लेने वाले ऋणदाता के पास जाएं
अगर आपने भी लोन लिया हुआ है और आपको ईएमआई का भुगतान करने में परेशानी हो रही है, तो आज हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से आप ईएमआई का भुगतान आसानी से कर सकेंगे। बैलेंस ट्रांसफर के जरिए किसी दूसरे ऋणदाता के पास जाना अपनी लोन ईएमआई का बोझ घटाने का एक तरीका हो सकता है। कम ब्याज दर लेने वाले ऋणदाता के पास जाना आपके लिए लाभदायक साबित होगा। हालांकि बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प चुनने से पहले आपको इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि नया ऋणदाता इसे एक नया लोन आवेदन मानेगा इसलिए प्रोसेसिंग फीस और एडमिनिस्ट्रेटिव फीस जैसे शुल्क भी वसूलेगा।
संकटों से जूझने के लिए अपने पास रखें इमरजेंसी फंड
समय पर ईएमआई का भुगतान करने के लिए आपको बचत कर इमरजेंसी फंड के तौर पर अपने पास राशि रखनी चाहिए। आर्थिक संकट से जूझने में ये फंड आपकी मदद कर सकता है। अगर आपके जीवन में कुछ बुरा हो जाता है, जैसे अगर आपकी नौकरी छूट जाती है, या आप बीमार हो जाते हैं, तो ये फंड आपके काम आ सकता है। इससे आपकी लोन चुकाने की क्षमता प्रभावित नहीं होगी।