भारतीय जीवनबीमा निगम (एलआईसी) ने एक बयान में कहा कि, 'कोविड-19 के मद्देनजर देश में पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए एलआईसी ने अपने पॉलिसीधारकों को प्रीमियम भुगतान में 15 अप्रैल 2020 तक राहत दी है।' यह फैसला उन सभी ग्राहकों के लिए किया गया है कि जो किसी वजह से प्रीमियम भुगतान में असमर्थ रहे हैं।
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अधिकांश राज्यों ने जब तक बहुत आवश्यक न हो, लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने और यात्रा से बचने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को सुबह सात बजे से नौ बजे के बीच 'जनता कर्फ्यू' लगाने का आह्वान किया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 400 से अधिक हो गई है।
यह है कंपनी का लक्ष्य
इसके साथ ही सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी को उम्मीद है कि वह चालू वित्त वर्ष में 2.5 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत बीमा पालिसी बेचने तथा 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रीमियम जुटाने के लक्ष्य को पार कर लेगी। यदि एलआईसी ऐसा कर पाती है तो यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में व्यक्तिगत बीमा की बिक्री में 17 फीसदी की वृद्धि होगी।
मार्च 2020 तक बनाया प्रीमियम जमा करने का नया रिकॉर्ड
इस संदर्भ में एलआईसी ने कहा कि, 'हमने 21 मार्च 2020 तक 2.17 करोड़ व्यक्तिगत बीमा बेचने तथा 50,500 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा करने का नया रिकॉर्ड बनाया है।' कंपनी ने कहा कि उसे मार्च के अंत से पहले ही 2.5 करोड़ व्यक्तिगत बीमा बेचने का लक्ष्य पा लेने का भरोसा है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 2,14,03,905 व्यक्तिगत बीमा की बिक्री की थी। दरअसल मार्च महीना बीमा कंपनियों के लिये सामान्यत: शानदार होता है और इस महीने सर्वाधिक बीमा की बिक्री होती है।
फरवरी 2020 के अंत तक इतनी बढ़ी आय
एलआईसी ने सामूहिक बीमा पालिसी में इस साल की शुरुआत में 60 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम जुटाने का लक्ष्य तय किया था। जबकि वह अभी तक इस श्रेणी में 1.15 लाख करोड़ रुपये का प्रीमियम जुटा चुकी है। एलआईसी ने फरवरी 2020 के अंत तक पहले साल के प्रीमियम से हुई आय में 12.85 फीसदी और बीमा पालिसी बिक्री में 21.84 फीसदी की शानदार वृद्धि दर्ज की है।