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खुदरा निवेशकों के लिए बाजार की राह आसान

Mon, 03 Dec 2012 08:31 AM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
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देश में आर्थिक उदारवाद के शुरू होने के दशकों बाद भी आम लोगों ने शेयर बाजार को अपने से दूर ही रखा है। बाजार के कारोबारी पैटर्न को देखें तो देश भर के शेयर कारोबार का लगभग आधा हिस्सा सिर्फ मुंबई के नाम है।
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इसमें दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, बंगलूरू को शामिल कर लिया जाए तो कारोबार का करीब 80 फीसदी हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों में सिमट जाएगा। शेष 20 फीसदी में समूचा देश है। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग शेयर बाजार के प्रति आकर्षित हों और इसे अपने निवेश का जरिया बनाएं, लेकिन बीते सालों में शेयर बाजार एक आम हिंदुस्तानी के दिल में जगह बनाने में बहुत सफल नहीं रहा है।

सरकार लगातार यह कोशिश कर ही है कि लोग बाजार में निवेश के लिए उतरें। छोटे खुदरा निवेशकों को शेयर बाजार की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार ने कुछ लुभावनी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें आयकर में छूट के अलावा मुफ्त डीमैट खाता खोलना शामिल है। 50 हजार रुपये के शेयरों में निवेश पर आयकर में छूट की सुविधा होगी, तो डीमैट खाते पर सालाना शुल्क नहीं लगेगा।
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50 हजार तक के शेयरों के डीमैट पर शुल्क नहीं
निवेश संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छोटे निवेशकों के डीमैट खाते में 50 हजार रुपये तक के शेयर रखने पर कोई सालाना शुल्क नहीं लिया जाएगा। 50 हजार से दो लाख रुपये तक की शेयर होल्डिंग पर अधिकतम 100 रुपये लिए जाएंगे। दो लाख रुपये से अधिक की होल्डिंग पर शुल्क सामान्य लगेगा। बिना शुल्क वाले डीमैट खाते का नाम बेसिक सर्विस डीमैट एकाएंट (बीएसडीए) रखा गया है।

50 हजार के निवेश पर कर कटौती का लाभ
दस लाख रुपये तक के सालाना आय वाले शेयर बाजार के नए निवेशकों के लिए सरकार ने राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम (आरजीईएसएस) की शुरुआत की है। इसमें शेयर बाजार के नए निवेशकों को 50 हजार रुपये तक की इक्विटी, ईटीएफ, म्यूचुअल फंड में निवेश पर निवेश की आधी राशि पर कर कटौती का लाभ मिलेगा। इसके लिए जरूरी है कि निवेशक स्कीम में शामिल शेयर, म्यूचुअल फंड, ईटीएफ समूह में खरीदारी करें।
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