धीरे-धीरे जैसे मोबाइल फोन में फीचर्स बढ़े हैं, उनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। महंगे मोबाइल खरीदने के बाद मन में एक डर हमेशा रहता है कि अगर फोन चोरी हो गया या कहीं गिर गया तो क्या होगा। ऐसे में आपके पास एक ऑप्शन है मोबाइल इंश्योरेंस लेने का।
सामान्य तौर पर ज्यादातर मोबाइल फोन एक साल की वारंटी के साथ बेचे जाते हैं। वारंटी में हार्डवेयर कमी या मैन्यूफैक्चरिंग कमी को ही कवर किया जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कंपनियां फोन में दुर्घटना से हुए किसी नुकसान को कवर नहीं करती हैं, जैसे स्क्रीन का टूट जाना या वॉटर डैमेज।
जानकारों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या मोबाइल जैसे गैजेट्स में सॉफ्टवेयर क्षति ज्यादा होती है, इसमें दुर्घटना, फोन का चोरी हो जाना, गिर जाना, पानी पहुंच जाना, स्क्रीन टूट जाना शामिल हैं। इसके अलावा फोन में कई तरह के अंदर और बाहरी नुकसान भी होते हैं।
मोबाइल के लिए इंश्योरेंस लेने का मतलब है कि उन नुकसानों के लिए कवर ले लेना जो वारंटी में कवर नहीं किए जाते। हर महीने अतिरिक्त राशि खर्च करके मोबाइल के लिए इंश्योरेंस खरीदा जा सकता है। मोबाइल कवर होने से कंपनी मोबाइल के रिपयेरिंग से लेकर रिप्लेसमेंट तक का खर्च करती है। मोबाइल के चोरी होने पर भी कवर मिलता है।
बाजार में ऐसी कई कंपनियां हैं जो मोबाइल फोन के लिए इंश्योरेंस कवर की सुविधा दे रही हैं। मोबाइल फोन के लिए खरीदे गए इंश्योरेंस में क्या-क्या नुकसान और जोखिम कवर किया जाता है...
- पानी के छलकाव से मोबाइल के आंतरिक पार्ट्स खराब होना
- मोबाइल फोन के आंतरिक और बाहरी पार्ट्स का नुकसान
- चार्जिंग पोर्ट, इयरफोन जैक और टचस्क्रीन का खराब हो जाना
- फोन की स्क्रीन टूट जाना
- फोन का चोरी हो जाना
- आग, दंगों या आतंकवादी गतिविधियों के चलते मोबाइल फोन खराब हो जाना
- सुरक्षित वाहन या भवन से मोबाइल फोन चोरी हो जाना
मोबाइल इंश्योरेंस में किसके लिए कवर नहीं मिलता
- सामान्य टूट-फूट के लिए कवरेज नहीं
- रहस्यमयी तरीके से मोबाइल फोन गायब होना
- असुरक्षित वाहन और भवन से मोबाइल फोन गायब होना
- मोबाइल फोन में इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल खराबी
- किसी असामान्य स्थिति में मोबाइल फोन का प्रयोग
- पॉलिसीधारक की ओर से जानबूझकर मोबाइल खराब करना
- किसी थर्ड पार्टी की दखल के बाद मोबाइल फोन में खराबी आना