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क्रेडिट कार्ड: बरतें ये सात सावधानियां

Mon, 11 Mar 2013 04:16 PM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
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क्रेडिट कार्ड बैंक द्वारा दी जाने वाली ऐसी सुविधा है, जिसमें हम कोई भी वस्तु कभी भी खरीद सकते हैं। उसकी कीमत चुकाने के लिए हमें पर्याप्त समय मिलता है। लेकिन, यदि मूल्य सही समय पर नहीं चुकाया या फिर कार्ड का बिल चुकाने में देरी की, तो यही कार्ड हमारे लिए कई परेशानियां खड़ी कर सकता है।
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कई बार परेशान होकर लोग अपना क्रेडिट कार्ड सरेंडर भी कर देते हैं, लेकिन यदि हम इसका सही इस्तेमाल करना जान जाएं, तो न तो कभी हमें क्रेडिट कार्ड से परेशानी होगी न ही हमें विवश होकर कार्ड सरेंडर करना पड़ेगा। क्रेडिट कार्ड के सही इस्तेमाल में कुछ बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

कई बैंकों के कार्ड न रखें
अक्सर यह देखा जाता है कि लोग अलग-अलग बैंकों के लुभावने ऑफर में आकर कई क्रेडिट कार्ड ले लेते हैं। क्रेडिट कार्ड एक तरह से उधारी कार्ड ही होता है। इस तरह, यदि आपने कई बैंकों के क्रेडिट कार्ड ले रखें हैं, तो इसका एक सीधा मतलब यह हुआ कि आपने अपनी उधारी की क्षमता अपनी आमदनी से अधिक बढ़ा दी है।
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ऐसे में इस बात का डर बना रहता है कि यदि एक भी कार्ड का भुगतान समय पर नहीं हो पाया या आप भूल गए या कोई चूक हो गई, तो आपके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। इसलिए हमेशा कोशिश करनी चाहिए की अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग बैंकों के कई सारे कार्ड लेने की बजाय एक या दो बैंकों के कार्ड का ही उपयोग करें।

समय पर करें बिल का भुगतान
हमेशा यही कोशिश करनी चाहिए कि क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान समय पर हो जाए। क्योंकि, इसमें एक दिन की भी देरी आप पर अतिरिक्त बोझ डाल देती है।

यदि आपके पास पूरे बिल भरने के लिए आवश्यक रुपये नहीं हैं, तो कम से कम न्यूनतम राशि जरूर जमा करा देनी चाहिए। क्रेडिट कार्ड बिल की न्यूनतम राशि वह होती है, जिसके जमा करने के बाद बैंक आपसे लेट पेमेंट चार्ज नहीं वसूलता है।

आपको सिर्फ ब्याज देना होता है। कोशिश हमेशा यही करनी चाहिए कि बकाया राशि को आगे की तारीख की तरफ न बढ़ाया जाए।

बिना जरूरत न बढ़ाएं लिमिट
अमूमन बैंकों की तरफ से क्रेडिट कार्ड के कर्ज की सीमा बढ़ाने के लिए ऑफर दिए जाते हैं। कार्डधारक बिना सोचे-समझे अपने कार्ड के कर्ज की सीमा बढ़वा लेता है।

जबकि, यह जान लें कि क्रेडिट कार्ड की कर्ज सीमा बिना वजह नहीं बढ़वाई जानी चाहिए क्योंकि जितनी अधिक कर्ज की सीमा होगी, आपको सरचार्ज भी उतना ज्यादा देना होगा। साथ ही साथ जहां तक संभव हो एक बार में बड़ी खरीदारी से बचना चाहिए।

पहले भुगतान के बारे में सोच लें
क्रेडिट कार्ड हाथ में रहता है तो आमतौर पर हम बिना सोचे-समझे खरीदारी कर लेते हैं, जो आगे चलकर परेशानियां खड़ी कर देता है। इसलिए, कुछ भी खरीदने से पहले हमें दो-तीन बार जरूर विचार करना चाहिए कि महीने के अंत में हमारी जेब में बिल का भुगतान करने के लिए पैसे रहेंगे या नहीं।

सेव रखें कस्टमर केयर नंबर
क्रेडिट कार्ड व बैंक कस्टमर केयर का नंबर हमेशा अपने मोबाइल में सेव करके रखना चाहिए। इसकी जरूरत कभी भी कहीं भी पड़ सकती है। यदि आपका कार्ड गुम या चोरी हो जाए, तो फौरन बैंक को खबर कर उसे बंद करा देना चाहिए। क्रेडिट कार्डधारक को अपना स्टेटमेंट हमेशा चेक करते रहना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित रखना चाहिए कि आपके सारे ट्रांजेक्शन सही हैं।

क्रेडिट कार्ड के प्रलोभनों से बचें
कई बार क्रेडिट कार्ड पर कर्ज सीमा के साथ कई अन्य सुविधाएं जैसे यात्रा बीमा, हवाई अड्डे की सुविधाओं का मुफ्त में फायदा उठाने का मौका आदि का प्रलोभन दिया जाता है। उचित यह रहेगा कि आप यह सुनिश्चित कर लें कि क्या वाकई आपको इनकी जरूरत है। जहां तक संभव हो इन प्रलोभनों से बचना चाहिए।

नकद निकालने से बचें
जब तक आपको बहुत अधिक जरूरत न पड़े, तब तक क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि, क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालने पर इसकी ब्याज दर काफी अधिक होती है। इसलिए केवल आपातकालीन परिस्थिति में ही नकद निकालने का रास्ता अपनाएं।
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