आयकर विभाग ने अपने एक हफ्ते पहले के आदेश को पलटते हुए बृहस्पतिवार को एक संपत्ति का संयुक्त रूप से मालिकाना हक रखने वालों को सरल फॉर्म-1 (सहज) या फॉर्म-4 (सुगम) का इस्तेमाल करते हुए आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने की अनुमति दे दी है।
इससे पहले आयकर विभाग ने रिटर्न फॉर्म जारी करते वक्त बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए करदाताओं से कई नई तरह की जानकारियां मांगी थीं। आयकर विभाग अमूमन किसी आकलन वर्ष का आईटीआर फॉर्म अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी करता है।
आयकर विभाग ने आगामी आकलन वर्ष से जिन करदाताओं के पास पासपोर्ट है, उनके लिए रिटर्न फॉर्म में इसकी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के अलावा आने वाले सभी रिटर्न फॉर्म पर भी लागू होंगे।
अगर किसी करदाता ने वित्त वर्ष 2019-20 में परिवार के साथ विदेश यात्रा की है, तो उसे रिटर्न में ज्यादा जानकारियां देनी होंगी। इस यात्रा में अगर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च आता है तो करदाता आईटीआर-1 फॉर्म नहीं भर सकेंगे। अगर ये करदाता आईटीआर-4 के दायरे में आते हैं, तो इन्हें खर्च की गई राशि का खुलासा करना होगा।
वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान किसी करदाता ने बिजली बिल पर 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं, तो वह आईटीआर-1 दाखिल नहीं कर सकेगा। ऐसे करदाता को आईटीआर फॉर्म-4 का इस्तेमाल करना होगा और उन्हें बिजली बिल पर खर्च राशि की जानकारी भी देनी होगी।
आयकर विभाग के मुताबिक, किसी करदाता ने 2019-20 में किसी एक या ज्यादा बैंकों के चालू खाते में 1 करोड़ से ज्यादा राशि जमा की है, तो उन्हें भी आईटीआर फॉर्म-4 यानी सहज चुनना होगा। साथ ही वित्त वर्ष के दौरान जमा की गई कुल राशि का भी खुलासा करना होगा।