कई बार बैंकिंग को लेकर ऐसे कई मामले देखे गए हैं जो बैंक की तरफ से न्यूनतम शेष राशि रखने पर चार्ज लगाने की शिकायत करते हैं। हाल फिलहाल में भी सोशल मीडिया पर कई ग्राहकों ने इस बात को लेकर शिकायत दर्ज कराई है कि कई बैंक न्यूनतम शेष राशि ना रखने पर गैर रखरखाव जैसा चार्ज वसूल कर रहे हैं, वो भी ऐसे समय में जब कोरोना वायरस की वजह से लोगों को पैसों को लेकर परेशानी हो रही है।
नवंबर 2014 में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी किए गए एक नोटिफिकेशन के तहत बैंक खाते में न्यूनतम शेष राशि ना रखने पर लगाए गए गैर रखरखाव चार्ज से खाते का बैलेंस कभी भी नकारात्मक संख्या में नहीं जा सकता है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बचत खाते में शेष पूरी तरह से न्यूनतम शेष राशि के रखरखाव के लिए शुल्क ना वसूलने के कारण नकारात्मक शेष में बदल जाता है।
न्यूनतम शेष राशि पर गैर रखरखाव चार्ज
जुलाई 2019 में लोकसभा में एक सवाल के जवाब देने के दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि 18 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और चार निजी क्षेत्र के बैंकों ने पिछले तीन साल में न्यूनतम शेष राशि पर गैर रखरखाव चार्ज से करीब 10,000 करोड़ रुपये वसूले हैं। बैंक ग्राहक से न्यूनतम बैलेंस ना रखने पर गैर रखरखाव जैसी पेनाल्टी वसूल कर सकते हैं लेकिन इसकी कोई सीमा नहीं है।