देश का आम बजट पेश होने के बाद से शेयर बाजार की रैली जारी है। पांच फरवरी को पहली बार सेंसक्स ने 51000 का स्तर पार किया था और निफ्टी भी 15000 की स्तर तोड़ने में सफल रहा। अब बाजार वैल्यूएशन क्योंकि ज्यादा हो गया है तो इस बीच निवेशक क्वालिटी स्टॉक को ढूंढ रहे हैं।
यही नहीं, इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले नए निवेश को लेकर संदेह में हैं, हालांकि बाजार के जानकारों का कहना है कि मार्केट में जो बुल रन चल रहा है, वह बीच बीच में करेक्शन के साथ एक साल से ज्यादा चल सकता है। कोरोना महामारी और टीकाकरण अभियान के बाद देश की अर्थव्यवस्था तेजी से रिकवर कर रही है। इसके अलावा अगले वित्तीय वर्ष में जीडीपी का डबल डिजिट में ग्रोथ का अनुमान लगाया जा रहा है।
बाजार में रैली थमने में लगेगा समय
जानकारों का कहना है कि बाजार में जो रैली चल रही है, उससे रुकने में दो साल का समय लग सकता है। हालांकि इस बीच कई बार करेक्शन भी आ सकते हैं। जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि की बात करें तो जब भी बाजार में जब भी करेक्शन आए, या थोड़ा भी स्पेस मिले तो निवेशकों को इक्विटी फंड में अतिरिक्त खरीददारी करनी चाहिए।
जानकारों ने कहा कि इस बात का ख्याल जरूर रखें कि निवेश कम से कम पांच साल के लिए जरूर करें। लंबी अवधि के लिए बाजार का आउटलुक बेहद मजबूत दिख रहा है।
लॉर्ज और मिडकैप सेगमेंट फोकस में
जानकारों का कहना है कि अगर निवेशक ज्यादा जोखिम नहीं उठा सकते तो उन्हें लार्ज और मिडकैप सेक्टर में निवेश करना चाहिए। इन दोनों तरह की मार्केट कैप वाली कंपनियों में निवेश करने से जोखिम कम हो जाता है। लार्जकैप फंड पर जानकारों का कहना है कि इनमें पहले से तेजी आ चुकी है, सेंसेक्स और निफ्टी की बहुत सी टॉप कंपनियां अपने रिकॉर्ड हाई पर हैं। इसलिए सिर्फ लार्जकैप में पैसा लगाना सही नहीं है।
डेट फंड पर निवेश की सलाह
जानकारों का कहना है कि डेट म्यूचुअल फंड पर अपनी निगेटिव रिटर्न आ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि बॉन्ड यील्ड में इस समय इजाफा हो रहा है और यह छह फीसदी के पार चला गया है। बॉन्ड यील्ड में तेजी यानि कि डेट फंड में रिटर्न कमजोर होना। कुछ समय के लिए इनसे दूरी बनाकर रख सकते हैं।