एफडी यूं तो काफी समय से निवेशकों में काफी लोकप्रिय है, पर पिछले कुछ महीनों में कई प्रमुख बैंकों ने बचत खाते को आकर्षक बनाया है। कई बैंकों के बचत खाते में एक लाख रुपये से अधिक के जमा पर सालाना 6-7 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। लेकिन, इसकी तुलना यदि कम अवधि की एफडी से की जाए तो यह विकल्प अधिक फायदेमंद नहीं है।
कई बैंक छह महीने से अधिक और एक साल से कम अवधि के एफडी पर अच्छी ब्याज दरों की पेशकश कर रहे हैं। यह बचत खातों पर कुछ बैंकों द्वारा दिए जा रहे ब्याज दर से कहीं अधिक है। सरकारी बैंक छह महीने से अधिक और एक साल से कम अवधि के एफडी पर इन दिनों आकर्षक ब्याज दे रहे हैं।
अनफिक्स्ड एफडी
लिक्विड फंडों की तरह ही देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अनफिक्स्ड एफडी की शुरुआत की। अगर आपको एफडी की निर्धारित अवधि के भीतर ही पैसों की जरूरत पड़ जाए और एफडी तुड़वानी पड़े तो पेनाल्टी देनी होती है। एसबीआई का अनफिक्स्ड एफडी ऐसे निवेशकों के लिए आदर्श विकल्प है।
बैंक के मुताबिक वह 7 दिन से अधिक और 180 दिन तक की अवधि के अनफिक्स्ड एफडी पर 6.5 फीसदी ब्याज दे रहा है। इसकी खासियत यह है कि यदि पैसों की निकासी 7 दिन बाद की जाती है तो कोई पेनाल्टी नहीं ली जाती है। घटती ब्याज दरों का असर भी निवेश की अवधि में नहीं होगा। यानी, आपके निवेश पर निवेश की अवधि के दौरान घटती ब्याज दरों का असर नहीं होगा।
फ्लेक्सी एफडी
फ्लेक्सी एफडी की खासियत यह है कि इसमें जमाकर्ता को बचत या चालू खाते की लिक्विडिटी जैसी सुविधा के साथ-साथ एफडी का अधिक रिटर्न भी मिलता है। बचत खाते की एक राशि निर्धारित होती है। इससे अधिक राशि खुद-ब-खुद फिक्स्ड डिपॉजिट में चली जाती है, जिस पर बचत खाते की तुलना में अधिक रिटर्न मिलता है।
जैसे कि, आपने किसी को बचत खाते में जमा राशि से अधिक का चेक दिया, ऐसे मामले में आपके एफडी से पैसे निकल जाएंगे और शेष राशि पर एफडी का ब्याज मिलना जारी रहेगा। सामान्य शब्दों में कहें तो फ्लेक्सी एफडी बचत या चालू खाते को एफडी से जोड़ने जैसा ही है।