आप अगर फिक्सड डिपॉजिट में पैसा नहीं लगाना चाहते और थोड़ा ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो आपके लिए फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान (एफएमपी) भी एक विकल्प हो सकता है। यह म्युचुअल फंड कंपनियों द्वारा जारी किया जाने वाला निवेश प्रोडक्ट है, जिसे फंड हाउसों ने देश में एफडी की तगड़ी लोकप्रियता को देखते हुए उसमें पैसा लगाने वाले निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से बाजार में पेश किया है।
एफएमपी में 3 महीने से 3 साल तक का मैच्योरिटी पीरियड होता है। एफएमपी के तहत निवेशकों से मिलने वाले पैसे को फंड हाउस कॉरपोरेट डिपॉजिट और गर्वमेंट सिक्योरिटीज में लगाते हैं। फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान में फिक्सड डिपॉजिट के मुकाबले टैक्स के बाद ज्यादा रिटर्न मिलता है। 1 साल से ऊपर के एफएमपी पर आपको 10 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। इस लिहाज से इसे फिक्स्ड डिपॉजिट का अच्छा विकल्प माना जाता है। हालांकि एफएमपी में पैसा लगाना एफडी की अपेक्षा थोड़ा जोखिम भरा होता है।