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बेहतर निवेश प्रबंधन तो 10 लाख तक की आय होगी टैक्स फ्री

Sat, 02 Feb 2019 07:28 AM IST
गौरव द्विवेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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budget 2019
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सरकार ने टैक्स रिबेट बढ़ाकर मध्य वर्ग को बड़ी राहत दी है। अब आप भी बेहतर निवेश प्रबंधन के जरिये बचत कर सकते हैं। टैक्स भुगतान में बचत के लिए आप 80सी के अलावा कई अन्य विकल्पों में निवेश कर सकते हैं...

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80सी में 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर टैक्स बचत 

आयकर कानून की धारा-80सी बेहद अहम है। अगर कोई व्यक्ति इनकम टैक्स के 30 फीसदी स्लैब के दायरे में आता है तो वह 80सी में 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर 46,350 रुपए की बचत कर सकता है। 

ईपीएफ : यह नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स सेविंग का बेहतर तरीका है। ईपीएफ में जमा राशि में से कर्मचारी के योगदान पर आयकर की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट का क्लेम किया जा सकता है। 
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पीपीएफ : प्राइवेट प्रॉविडेंट फंट (पीपीएफ) में 500 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक सालाना निवेश कर सकते हैं। 

जीवन बीमा प्रीमियम : अपने, पत्नी और बच्चों के जीवन बीमा प्रीमियम के भुगतान पर 80सी के तहत छूट मिलती है।

सुकन्या समृद्धि योजना : अपनी 10 वर्ष की बेटी के लिए यह खाता खोल सकते हैं। इसमें 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश कर सकते हैं।

बीमा कंपनियों की पेंशन योजना, बच्चों की ट्यूशन फीस, कंपनियों की पेंशन योजना, आवासीय कर्ज के मूलधन पर टैक्स छूट और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना समेत कई अन्य योजनाएं हैं, जिनमें 80सी के तहत कर छूट का लाभ लिया जा सकता है। 
 

80सी से इतर यहां भी करें निवेश

राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) : आप सेक्शन 80सीसीडी (1) के तहत एनपीएस में सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश करते हैं तो यह धारा-80सी के तहत मिलने वाले लाभ में शामिल है। अगर आप एनपीएस में सेक्शन 80सीसीडी (1बी) के तहत सालाना 50 हजार रुपये तक का निवेश करते हैं तो यह आयकर कानून की धारा-80सी से अलग है।

होम लोन पर ब्याज : होम लोन पर ब्याज के मामले में आयकर कानून की धारा-24 के तहत 2 लाख रुपये तक की छूट के लिए दावा कर सकते हैं। इसके लिए अपने कब्जे वाली संपत्ति के मामले में उसका निर्माण पांच साल में पूरा होना चाहिए। अगर इसे पूरा होने में ज्यादा समय लगेगा तो सिर्फ 30 हजार रुपये तक दावा कर सकते है। 

एजुकेशन लोन : एजुकेशन लोन के ब्याज भुगतान पर आयकर कानून की धारा-80ई के तहत छूट मिलती है। इसके दावे में कोई अधिकतम सीमा नहीं है, लेकिन एजुकेशन लोन के लिए मूलधन भुगतान पर किसी छूट का दावा नहीं किया जा सकता।

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम : स्वास्थ्य बीमा पर आयकर कानून की धारा-80डी के तहत सालाना प्रीमियम भुगतान के आधार पर टैक्स छूट मिलती है। 

हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) : अगर आपके वेतन में हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) शामिल नहीं है, तब भी आप धारा-80जीजी के तहत कटौती के लिए दावा कर सकते हैं। हालांकि, यह तभी किया जा सकता है, जब आप किसी अन्य हाउसिंग लाभ के योग्य नहीं हैं। 

डोनेशन : धारा-80(जी) के तहत संस्थानों को दान की गई रकम के 50 फीसदी या 100 फीसदी तक डिडक्शन के लिए दावा कर सकते हैं। कुछ खास फंड, चैरिटेबल संस्था और धार्मिक संगठनों को किए दान पर इसके तहत छूट मिलती है। दावे के लिए दान का प्रूफ जरूरी होता है। अगर नगद दान किया है तो सिर्फ 2,000 रुपये तक का दावा किया जा सकता है।

 
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ऐसे होगी 8 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त

5 लाख रुपये आय + 50 हजार स्टैंडर्ड डिडक्शन + 1.5 लाख 80सी के तहत+ 50 हजार एनपीएस में निवेश पर+ 25 हजार मेडिकल खर्च पर क्लेम+ 25 हजार राजीव गांधी इक्विटी स्कीम। इस तरह आपको कुल 8 लाख रुपये पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

ऐसे बचाएं टैक्स

छूट के विकल्प         आम नागरिक     वरिष्ठ नागरिक
सेक्शन 80सी            1,50,000      1,50,000
एनपीसी                   50,000        50,000
80टीटीए                  10,000        50,000
80डी                     25,000        50,000
टैक्स फ्री रकम           2,35,000       3,00,000
होम लोन ब्याज          2,00,000       2,00,000
कुल टैक्स फ्री रकम      4,35,000       5,00,000
कुल आय बिना टैक्स     9,35,000       10,00,000
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