कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है। ऐसे में लोगों के कारोबार बंद पड़े हैं और इसका असर उनकी जेब पर पड़ रहा है। इसलिए हर कोई चाहता है कि वो निवेश कर पैसे कमाएं, जिससे उनकी वित्तीय सेहत पर ज्यादा असर ना पड़े। लॉकडाउन का असर आपकी आर्थिक स्थिति पर ना पड़े, इसके लिए फाइनेंशियल प्लानिंग अत्यंत आवश्यक है। इसलिए हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जो निवेश के लिए आसान तो है ही, साथ में आप भविष्य के लिए पैसे भी जमा कर सकते हैं। रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) में निवेश कर आपको साधारण बचत खातों से ज्यादा ब्याज मिल सकता है।
ग्राहकों को बचत खातों में आमतौर पर 3.5 से चार फीसदी रिटर्न मिलता है। वहीं आरडी में आपको सात से आठ फीसदी तक सालाना रिटर्न मिल सकता है। खास बात यह है कि आरडी के जरिए आपका पैसा सुरक्षित रहता है।
आइए जानते हैं आरडी के कुछ ऐसे फायदे जो कुछ ही लोगों को पता है और जिनसे आपको मोटा मुनाफा हो सकता है।
मिलती है मूल जमा राशि और ब्याज की गारंटी
आरडी में मूल जमा राशि और ब्याज आमदनी की गारंटी दी जाती है, जो बुकिंग के वक्त की ब्याज दरों के हिसाब से मिलती है। इसके बाद जमा अवधि के दौरान कार्ड रेट में कोई बदलाव होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उदाहरण के लिए, अगर आप एक वर्ष की अवधि के लिए छह फीसदी प्रति वर्ष की दर से एक आरडी खुलवाते हैं, तो यह ब्याज दर पूरी अवधि तक बरकरार रहेगी और इस बीच आपके बैंक की ब्याज दरों में कोई बदलाव होने पर आपकी जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज आमदनी में बदलाव नहीं होगा।
फंड की कमी होने पर सबसे लाभदायक है आरडी
अगर आपके पास फंड की कमी हो गई है और आप उधार नहीं लेना चाहते हैं, तो इसको आप अपने पुराने किए हुए निवेश से भी पूरा कर सकते हैं। इसके लिए रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। वहीं अगर आपका ऐसा कोई खाता नहीं है और आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आप इससे भी पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन आपको इससे पैसा निकालने पर बहुत ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। हो सके तो क्रेडिट कार्ड से निकाले गए पैसे का जल्द से जल्द भुगतान भी कर दें।
आरडी अकाउंट खोलने से पहले आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि इस खाते की दो स्कीम होती हैं, आइए जानते हैं इसके बारे में।
रेग्युलर रिकरिंग डिपॉजिट
इसके तहत आपको एक अवधि और एक राशि तय करनी होती है। मान लीजिए आपने तय किया कि आप अगले 10 सालों तक हर महीने अपने आरडी खाते में दो हजार रुपये जमा करेंगे। एक बार चीजें तय करने के बाद आपको 10 साल तक हर महीने दो हजार रुपये ही जमा करने होंगे। न इससे कम और न इससे ज्यादा। सामान्य आरडी खाते में आप जमा होने वाली रकम में कभी भी बदलाव नहीं कर सकते। अगर आप कम पैसा जमा करेंगे, तो आप पर पेनाल्टी लगेगी यानी कुछ पैसों का चार्ज लगाया जाएगा।
फ्लेक्सी रिकरिंग डिपॉजिट
इसमें आपको एक निश्चित समय तो तय करना होगा, लेकिन उसमें जमा होने वाली रकम को आप घटा-बढ़ा सकते हैं। मान लीजिए आपने 10 साल तक पैसे जमा करने का तय किया, लेकिन बीच में अगर आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर हुई तो आप कुछ कम पैसे जमा कर सकते हैं। वहीं अगर स्थिति बेहतर हुई, तो रकम बढ़ा भी सकते हैं।