अब तक अपने ही बेचे गए सोने के सिक्कों को वापस नहीं खरीदने वाले बैंक अब आम लोगों के घरों में पड़े सोने को भी बाजार भाव से अधिक पर खरीदने की पेशकश कर सकते हैं।
डॉलर के मुकाबले धराशाई होते रुपए को संभालने और आयात को घटाने की कोशिशों के तहत सरकार वाणिज्यिक बैंकों को ऐसे निर्देश देने की क्रांतिकारी योजना पर विचार कर रही है।
सूत्रों की मानें तो रिजर्व बैंक जल्द ही इस बाबत पायलट प्रोजेक्ट लांच कर देगा।
रिजर्व बैंक से एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि कुछ बैंकों के साथ हम जल्द ही एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे, जिसमें बैंकों को आम लोगों से सोना वापस खरीदने की अनुमति दी जाएगी।
इस मसले पर कई बैंकों से चर्चा की जा चुकी है। बैंक इस सोने को खरीदकर मेटल रिफाइनरी को भेजेंगे, जहां से इसे दोबारा व्यावसायिक इस्तेमाल लायक बनाकर बाजार में लाया जाएगा। इससे घरेलू जरूरतों के लिए सोने के आयात पर निर्भरता कम होगी।
सूत्र के मुताबिक रुपए को संभालने की कोशिशों के तहत रिजर्व बैंक सोने के गहने, छड़े और सिक्के खरीदने को बैंकों से कहेगा।
ऐसे में बैंकों को अधिक से अधिक सोना विक्रेताओं को आकर्षित करने के लिए ज्वैलर्स और सिक्का बेचने वाली दुकानों से अधिक भाव की पेशकश करनी पड़ेगी।
सोने की भारी मांग और बढ़ते आयात चलते देश का चालू खाता घाटा करीब 90 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है। 2012 में देश में 860 टन सोने का आयात किया गया।
जबकि देश में सोने का 31,000 टन का कमर्शियल उपयोग का सोना पड़ा है। इसकी मौजूदा बाजार भाव पर कीमत करीब 14 खबर डॉलर है।