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PMC के बाद इस बैंक पर आरबीआई ने लगाई पाबंदी, ग्राहक निकाल सकेंगे सिर्फ 35 हजार रुपये

Tue, 14 Jan 2020 01:06 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और सहकारी बैंक पर अपना शिकंजा कस दिया है। बंगलूरू स्थित श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक पर आरबीआई ने कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। बैंक के ग्राहक केवल 35 हजार रुपये खाते से निकाल सकेंगे। निजी क्षेत्र का यह बैंक अगले छह महीने तक आरबीआई की अनुमति के बिना कोई नया लोन भी नहीं दे सकता है। साथ ही बिना अनुमति वह इस दौरान कोई निवेश भी नहीं कर सकता है।

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आरबीआई ने दिया बयान

आरबीआई ने हालांकि बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया है। 10 जनवरी से काम-काज बंद होने के बाद से बैंक पर ये पाबंदियां लागू हैं। बैंक में स्थित किसी भी तरह के खाते में जमा रकम से खाताधारक केवल 35 हजार रुपये निकाल सकेंगे। हालांकि आरबीआई ने यह नहीं बताया है कि पैसा निकालने की समय-सीमा क्या है। आरबीआई ने बैंकिंग नियमन कानून 1949 की धारा 35ए का इस्तेमाल करते हुए यह पाबंदियां लगाई हैं। 
 

हो सकता है बड़ा घोटाला 

पीएमसी की तरह इस बैंक में भी बड़ा घोटाला हो सकता है। पीएमसी बैंक पर आरबीआई की पाबंदी लगने के बाद पैसे की तंगी होने से कई ग्राहकों ने आत्महत्या कर ली थी। सितंबर में बैंक में 4355 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ में आने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने खातों से अधिक पैसा निकालने पर रोक लगा दी थी। बैंक के करीब 16 लाख खाताधारक हैं।

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मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले में पांच लोगों के खिलाफ 32 हजार पेज की चार्जशीट दायर की है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में शुक्रवार को दायर की गई चार्जशीट में बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस, पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह, पूर्व निदेशक सुरजीत सिंह अरोड़ा, हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के प्रमोटर राकेश वधावन और सारंग वधावन को आरोपी बनाया गया है। 
 
आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में धोखाधड़ी, सुबूतों को नष्ट करने और झूठे दस्तावेज देने के आरोप लगाए गए हैं। इस साल सितंबर में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आने के बाद पांचों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सभी न्यायिक हिरासत में हैं।

इन पांचों के अलावा पुलिस ने सात अन्य बैंक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया था, जिनके खिलाफ बाद में चार्जशीट दायर की जाएगी। 32 हजार पेज की चार्जशीट में पीएमसी बैंक की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट, आरोपी बैंक अधिकारियों द्वारा खरीदी गई संपत्तियों के दस्तावेज और वधावन पिता पुत्र व एचडीआईएल को फायदा पहुंचाने से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। 

340 गवाहों के बयान दर्ज 

पुलिस के मुताबिक, चार्जशीट में बैंक खाताधारकों समेत 340 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इससे अलावा पुलिस ने चार अहम गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए हैं। आर्थिक अपराध शाखा के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी केस दर्ज किया है। 

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