क्या है महंगाई भत्ता और कैसे होती है इसकी गणना?
महंगाई भत्ता वेतन का एक हिस्सा होता है। यह कर्मचारी के मूल वेतन यानी बेसिक का एक तय फीसदी होता है। महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है। इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है। रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन में भी इसका फायदा मिलता है। सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित महंगाई दर को बेस मानकर महंगाई भत्ता तय करती है।
कितनी बढ़ेगी सैलरी?
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत पर 18 महीने से लगी रोक हटाने के केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के बाद अब कर्मचारियों के मन में यह सवाल है कि उनकी सैलरी कितनी बढ़ने वाली है। इसके लिए आपको अपनी बेसिक सैलरी चेक करनी चाहिए। वित्त विशेषज्ञ डॉ. रवि सिंह ने अमर उजाला को बताया कि डीए बढ़ने से सैलरी में कितना इजाफा होगा। आइए इसे हम उदाहरण से समझते हैं-
| बेसिक सैलरी (प्रति माह) |
महंगाई भत्ता (17 फीसदी के हिसाब से) |
महंगाई भत्ता (28 फीसदी के हिसाब से) |
इजाफा (11 फीसदी) |
| 15,000 रुपये |
2,550 रुपये |
4,200 रुपये |
1,650 रुपये |
| 25,000 रुपये |
4,250 रुपये |
7,000 रुपये |
2,750 रुपये |
| 40,000 रुपये |
6,800 रुपये |
11,200 रुपये |
4,400 रुपये |
कितना बढ़ा डीए?
जनवरी 2020 में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए चार फीसदी बढ़ा था। इसके बाद दूसरी छमाही (जून 2020) में इसमें तीन फीसदी का इजाफा हुआ था। जनवरी 2021 में यह चार फीसदी और बढ़ा था। इस तरह डीए 17 फीसदी से बढ़कर 28 फीसदी हो गया था। हालांकि, सरकार ने कोरोना के चलते पिछले साल जनवरी से ही इस पर रोक लगाई हुई थी। अब रोक हटा दी गई है।