दुनियाभर के बाजारों में मंदी की आशंका और बेतहाशा महंगाई के बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए एक राहत भरी खबर है। सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को सरकार पांच प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 34 फीसदी डीए मिलता है, अगर सरकार इसमें बढ़ोतरी का फैसला लेती है उन्हें मिलने वाली डीए की रकम 39 फीसदी तक हो जाएगी। खबरों के मुताबिक जल्द की केंद्र सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
जानकारों का मानना है कि सरकार डीए के साथ-साथ फिटमेंट फैक्टर में भी बढ़ोतरी कर सकती है। वर्तमान में इस मद में बेसिक सैलरी की 2.57 प्रतिशत राशि दी जाती है। इसे बढ़ाकर 3.68 प्रतिशत किया जा सकता है। लंबे समय से देश के कर्मचारी यूनियन इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की मांग को मानते हुए इसे बढ़ाने का फैसला लेती है तो केंद्र सरकार के कर्मियो का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगा।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर हर साल दो बार अपने कर्मियों का महंगाई भत्ता निर्धारित करती है। इसी साल जनवरी महीने में महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 31 फीसदी से 34 फीसदी कर दिया गया था। सरकार से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अब केंद्र सरकार इसे और 5 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला ले सकती है। सरकार के डीए बढ़ाने के फैसले से देश के करीब 1.16 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेशनधारियों को लाभ मिलेगा।
डीए में इजाफा होने से सैलरी कितनी बढ़ेगी?
अगर सरकार पांच प्रतिशत डीए बढ़ाने का फैसला लेती है तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी। अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18000 रुपये है तो उसे वर्तमान में 34 फीसदी के हिसाब से 6120 रुपये महंगाई भत्ता का भुगतान किया जाता है। अगर सरकार महंगाई भत्ता पांच प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला लेती है तो उन्हें बेसिक वेतन का 39 प्रतिशत डीए के रूप में भुगतान किया जाएगा। ऐसे में 18000 के वेतन पर उन्हें डीए के रूप में अब 7020 रुपये मिलने लगेंगे। इस तरह से उन्हें वेतन मद में 900 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
डीए बढ़ने का दूसरा फायदा यह होगा कि इससे कर्मचारियों की पीएफ और ग्रेच्युटी कंट्रीब्यूशन भी बढ़ जाएगी। वहीं, मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के एचआरए में भी बढ़ोतरी का फैसला ले सकती है। वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अर्बन, सेमी अर्बन और रूरल क्षेत्रों के आधार पर क्रमश: 27%, 18% और नौ प्रतिशत की दर से एचआरए (House Rent Allowance) का भुगतान किया जाता है।
फिटमैंट फैक्टर से कर्मियों को क्या फायदा होगा?
अगर सरकार की ओर से फिटमेंट फैक्टर को भी मंजूरी दे दी जाती है तो जिन कर्मचारियों को वर्तमान में न्यूनतम सैलरी 18000 रुपये मिलती है उनकी सैलरी बढ़कर कम से कम 26000 रुपये हो सकती है। इसका मतलब है कि एंट्री लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में ही सरकार के इस फैसले से आठ हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो जाएगी।