पीआईए को बेचने से रोकने के लिए सरकार बाद में एक कानून लेकर के आई थी, जिसके बाद यह प्रावधान किया गया था कि इसको किसी भी हालत में निजी हाथों में नहीं बेचा जाएगा। लेकिन अब एक बार फिर से पीआईए को बेचने की तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए विनिवेश मंत्रालय जल्द ही प्रपोजल बनाकर के कैबिनेट के पास ले जाएगा। कैबिनेट से प्रपोजल पास होने के पास इसे फिर संसद में पेश किया जाएगा।
186 बिलियन का है कर्जा
पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस पर 186 बिलियन रुपये का कर्ज मार्च 2016 तक था। अजीज ने कहा कि अगर आपके पास पैसा है तो आप तुरंत ही पीआईए को खरीद सकते है। अजीज ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सारा प्रोसेस इस साल जुलाई-अगस्त तक पूरा हो जाएगा।
Air India कर्मचारियों को पीएसयू कंपनियों में भेजने की तैयारी
सरकार एयर इंडिया कर्मचारियों को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में लगाने और उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) पैकेज देने जैसे महत्वपूर्ण कदमों पर विचार कर रही है। एयर इंडिया के विनिवेश के लिए आगे बढ़ने से पहले सरकार इन कदमों पर विचार कर रही है। वहीं एयर इंडिया को बेचने के सरकार के फैसले का कई कर्मचारी संघ कड़ा विरोध कर रहे हैं।
कर्ज तले दबी सरकारी विमान सेवा को 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दी गई है। इस दौरान एक आसान रणनीतिक विनिवेश सुनिश्चित किए जाने के प्रयास सहित मंत्रियों का एक समूह अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। एक अनुमान के अनुसार, कर दाताओं के पैसे पर चलने वाली विमान सेवा 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज के बोझ तले दबी है। वहीं विमान सेवा में पैसे और इस विनिवेश योजना का उद्देश्य विमान सेवा को फिर से पटरी पर लाना है।