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16 अरब डॉलर में वॉलमार्ट की हुई फ्लिपकार्ट, 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी अमेरिकी कंपनी

Thu, 10 May 2018 08:48 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वालमार्ट ने 16 अरब डॉलर (लगभग 1072 अरब रुपये) में ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज भारतीय कंपनी फ्लिपकार्ट को खरीदने की घोषणा की है। ई-कॉमर्स सेक्टर के इस सबसे बड़े सौदे के तहत अमेरिकी रिटेल कंपनी वालमार्ट भारतीय कंपनी की लगभग 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। यह वालमार्ट का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश है, जिसके जरिए वह भारतीय बाजार में अमेजन को सीधी टक्कर देना चाहती है। भारतीय बाजार में यह इस साल का सबसे बड़ा अधिग्रहण सौदा भी है।

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फ्लिपकार्ट की बाकी हिस्सेदारी उसके मौजूदा शेयरधारकों के पास रहेगी जिनमें कंपनी के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल शामिल हैं। इसके अलावा चीन की टेनसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड, टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट एलएलसी और माइक्रोसॉफ्ट की भी इसमें हिस्सेदारी है। फ्लिपकार्ट में 20 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले जापान के सॉफ्टबैंक के सीईओ मासायोशी सोन ने इस सौदे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जापानी समयानुसार मंगलवार की रात को इस डील को अंतिम रूप दे दिया गया। सॉफ्टबैंक अपनी पूरी हिस्सेदारी वालमार्ट को बेच देगी।

इस डील के तहत अमेरिकी कंपनी फ्लिपकार्ट में नई इक्विटी के जरिए दो अरब डॉलर (134 अरब रुपये) का अतिरिक्त निवेश भी करेगी। बाद में इस इक्विटी को इच्छुक निवेशकों को बेच दिया जाएगा, जिसके फलस्वरूप वालमार्ट की हिस्सेदारी में कुछ कमी आएगी।
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दोनों के लिए फायदेमंद
खरीददारी के लिए अमेजन जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता के बीच वालमार्ट को उम्मीद है कि इस सौदे के बाद वह इस सेक्टर में अपने पांव जमा पाएगी। दूसरी तरफ, फ्लिपकार्ट को वालमार्ट की पूंजी और रिटेल व्यवसाय में उसके दशकों के अनुभव का लाभ मिलेगा। वालमार्ट ने कहा है कि फ्लिपकार्ट को भविष्य में शेयर बाजार में भी सूचीबद्ध किया जाएगा।

अमेजन ने भी दिया था प्रस्ताव
फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए उसकी घोर प्रतिद्वंद्वी अमेजन ने भी प्रस्ताव दिया था। इसके तहत वह भारतीय कंपनी की 60 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का इच्छुक था लेकिन वालमार्ट ने बाजी मार ली।

एक के बाद एक अधिग्रहण

इसने 2014 में परिधान क्षेत्र की ई-कॉमर्स कंपनी मिंत्रा का अधिग्रहण किया था। मिंत्रा ने बाद में फैशन ई-कॉमर्स कंपनी को जबोंग को खरीद लिया। 2016 में इसने भुगतान क्षत्र की स्टार्टअप कंपनी फोन पे को खरीदा। अप्रैल 2017 में ईबे के भारतीय ऑपरेशन का अधिग्रहण किया। हालांकि पिछले साल इसने प्रतिद्वंद्वी ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील को खरीदने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुई।  

एक संस्थापक की विदाई, दूसरे बने रहेंगे
- वालमार्ट ने यह सौदा गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के साथ मिलकर अंजाम दिया है। इसमें वालमार्ट की हिस्सेदारी 60 फीसदी और अल्फाबेट की 15 फीसदी होगी।
- फ्लिपकार्ट की माली हैसियत 18 से 20 अरब डॉलर आंकी गई है। 
- इसके सह संस्थापक और नौ साल से सीईओ सचिन बंसल ने अपनी 5.5 फीसदी इक्विटी वालमार्ट को बेचकर कंपनी को अलविदा कह दिया है।
- दूसरे संस्थापक बिन्नी बंसल कंपनी बतौर सीईओ बने रहेंगे। उन्हें एक्जीक्यूटिव चेयरमैन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

वालमार्ट: अमेरिका से ज्यादा विदेश में स्टोर
- इस बहुराष्ट्रीय रिटेल कंपनी का सफर 1962 में अमेरिकी राज्य अरकंसास के रोजर्स शहर में एक स्टोर से हुआ था।
- अब यह दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी बन चुकी है जिसका सालाना राजस्व (2017 में 485.14 अरब डॉलर) नाइजीरिया जैसे देशों के जीडीपी से ज्यादा है।
- यह 14 लाख लोगों को रोजगार देती है और इसके सभी स्टोरों का कुल आकार एक अरब वर्ग फुट से ज्यादा है।
- अमेरिका में इसके लगभग पांच हजार स्टोर हैं जबकि विदेशों में छह हजार से ज्यादा। 
- यह भारत के नौ राज्यों में मालिकाना हक के साथ 21 स्टोरों का संचालन करती है जो कैश एंड कैरी सिस्टम पर चलते हैं।
- इसका बंगलूरू में एक ग्लोबल रिसोर्स सेंटर और टेक्नोलॉजी सेंटर है, जिसमें 1200 इंजीनियर काम करते हैं।
- यह ग्लोबल रिसोर्स सेंटर दर्जन भर विदेशी बाजारों के लिए यहां से गैर-खाद्य पदार्थों की खरीद करता है।   

ई-कॉमर्स का 200 अरब डॉलर का बाजार
सरकार समर्थित इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के अनुसार भारतीय ई-कॉमर्स बाजार 2020 तक 64 अरब डॉलर और 2026 तक 200 अरब डॉलर हो जाएगा, जबकि 2017 में इसका आकार 38.5 अरब डॉलर का था।   
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अमेजन से मुकाबला

Walmart-Flipkart
इस अधिग्रहण के बाद नई कंपनी का अमेजन से सीधा मुकाबला होगा। अमेजन मौजूदा समय में भारतीय ई-कॉमर्स बाजार के 29 फीसदी हिस्से पर काबिज है। फ्लिपकार्ट के मुकाबले अमेजन की बाजार हिस्सेदारी और राजस्व दोनों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

सरकार का खजाना भी भरेगा
इस सौदे पर कर अधिकारियों की भी नजर है। वालमार्ट के भारतीय कार्यालय को भेजे गए पत्र में कर विभाग ने इस सौदे को लेकर ढेर सारी जानकारियां मांगी हैं ताकि इस पर कर देयता की गणना की जा सके। विभाग ने कहा है कि अगर वालमार्ट को भारत के कर कानूनों की बाबत कोई भ्रम है तो उसका भी निवारण किया जाएगा। विभाग ने पूछा है कि क्या इस सौदे के तहत फ्लिपकार्ट के शेयर अनिवासियों को भी बेचे जाएंगे। बता दें कि इस सौदे पर विदहोल्डिंग टैक्स लागू होगा। 

भारत में 2017 में हुए बड़े अधिग्रहण
- ब्रिटेन के वोडाफोन ग्रुप और आदित्य विक्रम बिड़ला की आइडिया के बीच 12.7 अरब डॉलर का विलय समझौता हुआ। 40 करोड़ ग्राहकों के साथ यह देश की सबसे बड़ी मोबाइल फोन कंपनी बन गई है। 80 हजार करोड़ रुपये के राजस्व के साथ इसका मार्केट शेयर 43 फीसदी हो जाएगा। 
- एयरटेल ने टेलीनॉर के अधिग्रहण की घोषणा की। एयरटेल के 26 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों में टेलीनॉर के 52 लाख उपभोक्ता जुड़ जाएंगे।
- एक्सिस बैंक ने छह करोड़ डॉलर में भुगतान कंपनी फ्रीचार्ज पेमेंट टेक्नोलॉजीज प्रा. लिमिटेड का अधिग्रहण किया। नई कंपनी पेटीएम और मोबिक्विक जैसी प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दे रही है।
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