सर्च इंजन कंपनी गूगल पर फ्रांस सरकार के प्रतिस्पर्धा आयोग ने 150 करोड़ यूरो (1185 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। फ्रांससी प्रतिस्पर्धा आयोग ने कहा है कि गूगल ने अपने विज्ञापन पेज पर गलत तरीके से सूचनाएं पेश की थीं।
ज्यादातर अमेरिकी टेक कंपनियां जैसे कि गूगल, फेसबुक, एप्पल और अमेजन फ्रांस सहित अन्य यूरोपियन देशों के कम टैक्स देने के कारण निशाने पर हैं। इसी साल सितंबर में गूगल ने फ्रांस को 100 करोड़ यूरो (7600 करोड़ रुपये) का जुर्माना देना पड़ा था। यह जुर्माना कंपनी ने चार साल पुराने चल रहे फिस्कल फ्रॉड की जांच के बाद दिया था।
गूगल पर फ्रांस में टैक्स चोरी करने का आरोप लगा था। उसने कारोबारी गतिविधियों की जानकारी न देते हुए कहा था कि उसका सारा बिजनेस आयरलैंड से चलता है। हालांकि पहले से समझौता होने के कारण कंपनी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होगा। कई अन्य कंपनियों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्ती बरती जा सकती है। कुछ कंपनियों से बातचीत चल रही है।
यूरोपीय संघ ने प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन को लेकर गूगल पर 1.49 अरब यूरो यानि करीब 117 अरब रुपये का जुर्माना लगाया है। गूगल पर यह जुर्माना ऑनलाइन विज्ञापन में पक्षपात को लेकर लगा है। बता दें कि इससे पहले भी पिछले साल जुलाई में यूरोपीय आयोग गूगल पर इसी बात को लेकर 344 अरब रुपये का जुर्माना लगाया था जो कि गूगल पर लगने वाला सबसे बड़ा जुर्माना था।
दरअसल गूगल पर हर बार यह आरोप लगता रहा है कि वह अपने मोबाइल डिवाइस रणनीति के तहत गूगल सर्च इंजन को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। साथ ही आपको याद दिलाते चलें कि साल 2017 के बाद अभी तक गूगल पर लगने वाला यह तीसरा बड़ा जुर्माना है।