ऑनलाइन उपभोक्ता खर्च साल 2020 तक 2.5 गुना बढ़कर लगभग 100 अरब डॉलर होने का अनुमान है। खर्च में यह वृद्धि ई-कॉमर्स, यातायात व होटल, वित्तीय सेवाओं तथा डिजिटल मीडिया में वृद्धि की वजह से होगी। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है। मौजूदा समय में भारतीय डिजिटल लेनदेन के जरिये लगभग 40 अरब डॉलर खर्च करते हैं।
इन वस्तुओं पर सबसे ज्यादा होगी भागीदारी
बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप ने गूगल के सहयोग से एक रिपोर्ट में बताया कि साल 2020 तक डिजिटल लेनदेन के मौजूदा लगभग 40 अरब डॉलर का लगभग तीन गुना बढ़कर 100 अरब डॉलर होने की संभावना है। बाजार के आकार में कपड़े व एक्सेसरीज, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्यूरेबल्स, खाद्य सामग्री व ग्रॉसरी जैसे उत्पादों की बड़ी भागीदारी हो सकती है और साल 2020 तक इन उत्पादों के ऑनलाइन बाजार का आकार मौजूदा 18 अरब डॉलर से बढ़कर 40-45 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
होटल, यातायात में डिजिटल पेमेंट 11 अरब के पार
रिपोर्ट के मुताबिक, यातायात व होटल सेवा के लिए डिजिटल भुगतान मौजूदा 11 अरब डॉलर की तुलना में वर्ष 2020 तक 20 अरब डॉलर को छूने का अनुमान है, जबकि वित्तीय सेवाएं मौजूदा 12 अरब डॉलर के मुकाबले 30 अरब डॉलर तथा डिजिटल मीडिया के मौजूदा 20 करोड़ डॉलर के मुकाबले 57 करोड़ डॉलर को छूने की संभावना है।
43 करोड़ ऑनलाइन उपभोक्ता
बीते चार साल में ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग दोगुनी बढ़कर वर्तमान में 43 करोड़ हो चुकी है। यह बढ़ोतरी स्मार्टफोन सस्ता होने, डाटा सस्ता होने तथा मोबाइल के अनुकूल या स्थानीय भाषा के अनुकूल सामग्री बढ़ने की वजह से हुई है। रिपोर्ट में यह पाया गया कि गैर-टीयर1 शहरों की नई महिला उपयोगकर्ता तथा 35 साल से ऊपर के शॉपर इस वृद्धि का नेतृत्व करेंगे।