नोटबंदी के बाद से देश में डेबिट कार्ड्स क्रेडिट कार्ड्स को पछाड़ते हुए डिजिटल पेमेंट के लिए लोगों की पहली पसंद बन गए हैं। नोटबंदी से पहले अक्टूबर 2016 तक, देश में डेबिट कार्ड के इस्तेमाल कुल कार्ड इस्तेमाल का 42 फीसदी ही था। अब यह बढ़कर 60 फीसदी हो गया है।
यह बदलाव सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ज्यादा देखने को मिला है। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब और सिंध बैक में कार्ड का प्रयोग 5 गुना तक बढ़ गया है। अक्टूबर के मुकाबले दिसंबर ने तिगुनी और जनवरी में दोगुनी कार्ड ट्रांसेक्शन देखने को मिलीं। पेमेंट कंपनियों के अनुसार ज्यादातर भुगतदान पेट्रोल पंप, ट्रेवलिंग और बिल भरने के लिए किया गया।
पिछले साल अक्टूबर नें सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों ने 61.7 करोड़ डेबिट कार्ड से 10,893 करोड़ रुपए की डिजिटल ट्रांसेक्शन की। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने इस दौरान 12.25 करोड़ डेबिट कार्ड्स से 11,048 करोड़ी रुपए की डिजिटल पेमेंट की। नोटबंदी के बाद यह नजारा बदल गया। इस साल जनवर में सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक ने 29,339 करोड़ और निजी क्षेत्र के बैकों ने 19,664 करोड़ रुपए की डिजिटल ट्रांसेक्शन की।
नोटबंदी से पहले 100 डेबिट कार्ड्स में से सिर्फ 19 ट्रांसेक्शन प्रतिमाह ही दर्ज की जाती थीं। इसके बाद दिसंबर में यह आंकड़ा 54 ट्रांसेक्शन और जनवरी में 40 ट्रांसेक्शन तक पहुंच गया।