फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होटल में खाने पर सर्विस चार्ज देना जरूरी नहीं, सरकार ने साफ कर दिए नियम

Sat, 22 Apr 2017 02:45 PM IST
amarujala.com, Presented By : अनंत पालीवाल
विज्ञापन
विज्ञापन
होटल, रेस्त्रां में सर्विस चार्ज को लेकर चल रही बहस पर विराम लग गया है। अब केंद्र सरकार ने पीएमओ से आदेश मिलने के बाद उपभोक्ता मंत्रालय ने नई गाइ़डलाइंस जारी कर दी हैं।  
विज्ञापन


अब बाहर खाने पर बिल में जुड़ने वाले सर्विस चार्ज देना या नहीं देना उपभोक्ता की मर्जी पर होगा। अगर उपभोक्ता सर्विस चार्ज नहीं देना चाहता है तो होटल और रेस्त्रां इसको लेकर के ग्राहक को बाध्य नहीं कर सकेंगे।

सरकार ने सभी होटल और रेस्त्रां मालिकों से सर्विस चार्ज नहीं वसूलने के लिए एडवायजरी जारी कर दी है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने इसकी घोषणा की। इससे पहले जनवरी में भी सरकार की तरफ से उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा था कि  होटल,कंपनी और रेस्‍त्रां चलाने वाले सर्विस चार्ज देने के लिए ग्राहकों को बाध्य नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन


केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कंपनी, होटल या रेस्‍त्रां ग्राहकों से जबर्दस्ती सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकता। मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि वह कंपनियों, होटलों और रेस्‍त्रां को इस बारे में सचेत कर दें।

5 से 20 फीसदी लगता है सर्विस चार्ज

निरोज रेस्टोरेंट - फोटो : Internet
उपभोक्ताओं ने कई शिकायतें की हैं कि होटल और रेस्‍त्रां टिप्स के रूप में 5 से 20 प्रतिशत तक 'सर्विस चार्ज' लगाते हैं जिसका भुगतान करने का दबाव उपभोक्ताओं पर बनाया जाता है, जिसका सर्विस की कैटिगरी से कोई लेना-देना नहीं होता है।'

गौरतलब है कि अलग-अलग टैक्सों के अलावा बिल में सर्विस चार्ज लगा हो तो इसका भुगतान पहले से ही वैकल्पिक था, लेकिन होटलों और रेस्टोरेंट वालों ने इसे जरूरी बना दिया था और ग्राहक की मर्जी के बिना वह सर्विस चार्ज वसूल रहे थे। मंत्रालय को शिकायतें मिलीं तो उसने स्पष्टीकरण जारी किया।
विज्ञापन

वैकल्पिक होगा सर्विस चार्ज 

इस स्पष्टीकरण में कहा गया है कि बिल में टैक्स जोड़ने के बाद सर्विस चार्ज नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि यह टैक्स नहीं है बल्कि एक प्रकार की टिप है।  यानी, अगर उपभोक्ता को लगे कि उसे मिली सेवा से वह पूर्णतः संतुष्ट है तो वह सर्विस चार्ज दे, वरना वह सर्विस चार्ज के रूप में एक रुपया भी न दे।

साथ ही मंत्रालय ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वो होटलों से कहें कि वो उचित जगह पर इसकी जानकारी चिपका दें कि सर्विस चार्ज का भुगतान पूरी तरह ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करता है, इसमें कोई जोर-जबर्दस्ती नहीं हो सकती। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें