भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा कि नई टैरिफ व्यवस्था के तहत सेवा प्रदाताओं द्वारा उपभोक्ताओं को चैनल चुनने की आजादी देने से टेलीविजन ग्राहकों का मासिक खर्च नहीं बढ़ेगा। एक अप्रैल से ग्राहक सिर्फ उस चैनल के ही पैसे चुकाएगा जो वह देखना चाहता है, जिससे उसे अनचाहे चैनलों से छुटकारा मिलेगा। ट्राई द्वारा लाई गई नई टैरिफ व्यवस्था के तहत ब्रॉडकास्टर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और केबल टीवी ऑपरेटर्स को हरेक चैनल के लिए 19 रुपये तक के दायरे में कीमत तय करनी होगी।
ग्राहकों को 100 फ्री-टू-एयर चैनल देखने के लिए अब मासिक आधार पर सिर्फ 130 रुपये ही चुकाने होंगे। शर्मा ने कहा कि ट्राई को शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ सेवा प्रदाता ग्राहक द्वारा चुने चैनलों को सक्रिय नहीं कर रहे हैं या उन्हें सक्रिय करने में अधिक समय ले रहे हैं। साथ ही ऐसा करने वाले सेवा प्रदाताओं की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। ग्राहक अपनी शिकायत हमारे कॉल सेंटर पर भी दर्ज करा सकते हैं।
ग्राहक ब्रॉडकास्टर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा प्राप्त कराए जाने वाले चैनलों को अलग-अलग या चैनलों के एक समूह को अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं। ग्राहकों के लिए ब्रॉडकास्टर्स को हरेक चैनल का अलग दाम तय करना होगा। उपभोक्ताओं के समक्ष जागरूकता को बढ़ाने के लिए समयसीमा को तीन बार बढ़ाया जा चुका है।
50 चैनल भी नहीं देख पाते अधिकांश लोग
शर्मा ने कहा कि ट्राई डाटा जुटा रहा है, जो यह दर्शाएगा कि नई टैरिफ व्यवस्था से उपभोक्ताओं का मासिक शुल्क नहीं बढ़ेगा। औसतन 90 फीसदी लोग 50 से भी कम चैनल देख पाते हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से मेरे खुद के टीवी का मासिक शुल्क 700 रुपये से घटकर 236 रुपये प्रति माह हो गया है।