बजट में कभी भी हर किसी को संतुष्ट नहीं किया जा सकता। इसलिए बजट को आधा खाली गिलास के बजाय आधा भरा गिलास के नजरिये से देखा जाना चाहिए। इस नजरिये से देखें तो बजट की सबसे बड़ी विशेषता है कि लगभग तीन लाख करोड़ रुपये की नकदी बाजार में उपलब्ध होगी।
इससे बाजार में मुद्रा का संकट कम होगा। बजट घाटा नियंत्रण में रहेगा। विदेशी मुद्रा का भंडार 470 बिलियन डॉलर के आसपास पहुंच जाएगा। सरकार ने इस बात की पूरी व्यवस्था कर ली है कि देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
ये बातें गुरुवार को दिल्ली से आए वरिष्ठ कर सलाहकार अक्षय नागपाल ने सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर सभागार में कही। यहां मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश, सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल, कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन, कानपुर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स सोसाइटी, रोटरी क्लब ऑफ कानपुर और रोटरी क्लब ऑफ कानपुर गौरव की ओर से संयुक्त रूप से बजट पर मंथन के लिए कार्यशाला का आयोजन करवाया गया था।
दिल्ली से ही आए सीए कपिल गोयल ने बताया कि धर्मार्थ संस्थानों को अपने पंजीयन का नवीनीकरण प्रति पांच वर्षों में करवाना पड़ेगा। अगर आपने अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया है तो तीन वर्षों के लिए अंतरिम पंजीयन प्रदान किया जाएगा। जिन संस्थाओं को लोगों से दान प्राप्त होगा, उन्हें दानदाताओं को एक प्रमाणपत्र जारी करना पड़ेगा।
इसे दानदाता अपने टैक्स खाते से मिलाएगा, तभी उसको धारा 80जी में छूट मिलेगी। यदि किसी कारोबारी का टर्नओवर 10 करोड़ से ऊपर है और वह किसी एक पार्टी को वर्ष भर में 50 लाख रुपये से ज्यादा का माल बेचता है तो उसे 0.1 फीसदी स्रोत पर कर संग्रह करना पड़ेगा। अगर उसका पैन नहीं है तो यह दर एक फीसदी की होगी।
यदि लेखा पुस्तकों में कोई झूठी प्रविष्टि अथवा प्रविष्टि की चूक हो जाए और उससे टैक्स चोरी हो रही हो तो उस रकम के बराबर अर्थ दंड लगाया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष दीप कुमार मिश्र ने की। संचालन सुधीन्द्र जैन ने किया।
इस मौके पर मर्चेंट चैंबर के अध्यक्ष मुकुल टंडन, सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के सचिव अभिषेक पांडेय, सीए ज्ञान प्रकाश गुप्ता, आशीष अग्रवाल, पदम् कुमार जैन, अनिल कुमार अग्रवाल, अरुण अहलुवालिया, विशाल खन्ना, अमित पांडेय, अतुल मेहरोत्रा, राजीव कुमार गुप्ता, एसके अग्रवाल, अखिलेश तिवारी, गौरव तिवारी आदि मौजूद रहे।