देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने भरोसा दिलाया है कि वह कोरोना संक्रमण की किसी भी लहर से निपटने में सक्षम है। एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने शुक्रवार को कहा कि हम महामारी चुनौतियों का बखूबी सामना कर सकते हैं। दबाव में चल रहे सभी क्षेत्र को जरूरत पर कर्ज देंगे और उन्हें दोबारा विकास की राह पर लौटने का मौका दिलाएंगे।
20,410 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ है एसबीआई को 2020-21 में
बैंक के 66वें सालाना महासभा में खारा ने कहा, एसबीआई की पूंजी वृद्धि दर बेहतर स्थिति में है और मैं 2021-22 में भी दमदार प्रदर्शन को लेकर आशान्वित हूं। बैंक ने महामारी के दबाव में भी बीते वित्तवर्ष 20,410 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो उससे एक साल पहले 14,448 करोड़ रुपये था।
इस दौरान सकल एनपीए में भी उल्लेखनीय कमी आई, जो एक साल पहले के 6.15 फीसदी से घटकर 4.98 फीसदी पर आ गया। संकट के समय संरक्षित राशि का अनुपात भी बैंक के लोन बुक के मुकाबले 87.75 फीसदी पहुंच गया है।
406 बैंक शाखाओं को घाटे से उबारने की तैयारी
चेयरमैन ने कहा कि अभी एसबीआई की 406 बैंक शाखाएं घाटे में चल रही हैं, जिन्हें वापस मुनाफे में लाने के लिए सभी वाजिब कदम उठाए जाएंगे। 2021 में कर्ज बांटने में सुधार आएगा और 9 फीसदी वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य है। बड़ी वसूली के बावजूद बीते साल बैंक को 34 हजार करोड़ का कर्ज बट्टे खाते में डालना पड़ा।