देश में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में सोमवार को 25 रुपये का इजाफा हुआ। यह वृद्धि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिए जाने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडर सहित सभी श्रेणियों में हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों के मूल्य आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी से अब तक 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर के दाम 125 रुपये बढ़ चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2021 में एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में तीन बार बढ़ोतरी हुई थी। चार फरवरी को एलपीजी के दाम 25 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ाए गए थे, इसके बाद 14 फरवरी को 50 रुपये और 25 फरवरी को एक बार फिर 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
बीते दिसंबर के बाद से घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है और कुल मिलाकर देखें तो अभी तक एक सिलिंडर के दाम में 150 रुपये से ज्यादा का इजाफा हो चुका है। जनवरी में एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में कई तेजी या कमी नहीं आई थी।
वहीं, दिसंबर 2020 में एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमतों में दो बार इजाफा हुआ था। एक दिसंबर को घरेलू एलपीजी की कीमत 594 रुपये से बढ़ाकर 644 रुपये की गई थी। इसके बाद 15 दिसंबर को एक सिलिंडर की कीमत बढ़ाकर 694 रुपये कर दी गई थी।
बढ़ी हुई दरों को सब्सिडी और गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं समेत सभी श्रेणियों पर लागू किया गया है। रसोई गैस की कीमतों में ये इजाफा ऐसे समय में देखा जा रहा है जब चार मेट्रो शहरों में डीजल और पेट्रोल के दाम अब कर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गए हैं।
देश के चार महानगरों में ये हैं कीमतें
सोमवार को 25 रुपये की बढ़ोतरी के साथ देश के चार महानगरों में रसोई गैस की कीमतें कुछ ऐसी हैं। दिल्ली और मुंबई में एक एलपीजी सिलिंडर के लिए अब 819 रुपये चुकाने होंगे। वहीं, कोलकाता में 845.50 रुपये और चेन्नई में भाव अब 835 रुपये हो गया है।
मोदी सरकार पर राहुल गांधी का तंज
उधर, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस सांसद और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसा है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि एलपीजी सिलिंडर के दाम फिर बढ़ गए। अब जनता के लिए मोदी सरकार के तीन ही विकल्प हैं, जो हैं - व्यवसाय कर दो, चूल्हा फूंको और जुमले खाओ।