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Fertilizers: उर्वरक धांधली रोकने के लिए 112 इकाइयों के लाइसेंस रद्द, 30 एफआईआर दर्ज

Wed, 10 May 2023 06:12 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा, पिछले छह महीनों में गुजरात (92), केरल (54), तमिलनाडु (40) और कर्नाटक (39) में सबसे अधिक उर्वरक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। पूरी दुनिया में इस समय उर्वरक संकट है।
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एफआईआर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सब्सिडी वाले उर्वरकों का गैर कृषि उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए पिछले छह महीनों में 15 राज्यों में स्थित 370 संयंत्रों का औचक निरीक्षण किया गया और उल्लंघन करने वाली 112 निर्माण इकाइयों के लाइसेंस रद्द किए गए। वहीं, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 30 प्राथमिकी दर्ज कर 11 को जेल भेजा गया है और 70,000 यूरिया बैग जब्त किए गए हैं।
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रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा, पिछले छह महीनों में गुजरात (92), केरल (54), तमिलनाडु (40) और कर्नाटक (39) में सबसे अधिक उर्वरक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। पूरी दुनिया में इस समय उर्वरक संकट है। हमारे देश में किसानों को प्रति बोरी 2,000-2500 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

जेपी एसोसिएट्स 3,956 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने में विफल
संकट में फंसी जयप्रकाश (जेपी) एसोसिएट्स 3,956 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने में विफल हो गई है। इसमें मूल राशि और ब्याज भी शामिल हैं। जेपी समूह की कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लि. (जेएएल) ने शेयर बाजार को बताया कि कंपनी 30 अप्रैल को मूल रकम 1,642 करोड़ और ब्याज 2,314 करोड़ रुपये लौटाने में चूक गई। कंपनी ने विभिन्न बैंकों से कई तरह की जरूरतों के लिए यह कर्ज लिया था। जेएएल ने कहा, उस पर ब्याज समेत कुल 29,277 करोड़ का कर्ज है। इसे 2037 तक लौटाया जाना है। 
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कर्ज घटाने के लिए उठा रहे कदम
जेएएल ने कहा, वह कर्ज में कमी लाने को ठोस कदम उठा रही है। कुल उधारी में 18,106 करोड़ रुपये प्रस्तावित स्पेशल पर्पज व्हीकल को स्थानांतरित करने पर और कम हो जाएंगे। इसके लिए सभी हितधारकों से मिली मंजूरी को एनसीएलटी के आदेश का इंतजार है।

फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर में की 0.2% कटौती
फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को 6.2 फीसदी से घटाकर 6% कर दिया है। 2024-25 के लिए भी विकास दर अनुमान को 0.2% घटाकर 6.7 फीसदी किया है। एजेंसी ने कहा, वैश्विक मांग के साथ उच्च महंगाई और ब्याज दरों के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि दर में कमी आएगी। इसके साथ ही, फिच रेटिंग्स ने स्थिर दृष्टिकोण के साथ भारत की रेटिंग को बीबीबी (-) पर बरकरार रखा है। 
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