बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक कराने के बाद सरकार द्वारा जमीन को आधार से लिंक कराने वाले लैटर का सरकार ने खंडन किया है। केंद्र सरकार ने कहा कि उसने ऐसा कोई भी पत्र जारी नहीं किया है और जो लैटर मीडिया में आया है, वो पूरी तरह से फर्जी है। केंद्र सरकार फर्जी लेटर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर दी है।
Clarification regarding Fake Letter on #Aadhaar attributed to Cabinet Secretariat: https://t.co/4ZgqlR5Yoe pic.twitter.com/X0WOu35ZA2— PIB India (@PIB_India) June 19, 2017
इससे पहले खबर आई थी कि केंद्र ने इसके लिए राज्य सरकारों को पत्र लिखकर के 15 अगस्त तक सभी प्रकार के लैंड रिकॉर्ड को आधार नंबर से लिंक करने के लिए कहा है। सरकार का मानना है कि इससे जमीन के रिकॉर्ड में ट्रांस्पेरेंसी आएगी।
पहले आई खबर के मुताबिक, अधिकारियों को आसानी से पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के पास मौजूद संपत्ति बेनामी है अथवा सही में उसी की है। इससे बैंकों को जमीन के बदले लोन देने में भी आसानी होगी। सरकार का यह भी मानना है कि इससे किसानों को फसल के लिए बीमा देने में इन्श्योरेंस कंपनियों को भी आसानी होगी।
पहले आई खबर के मुताबिक, सरकार का कहना था कि 15 अगस्त के बाद जो भी प्रॉपर्टी आधार से लिंक नहीं होगी, उसकी बेनामी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।