आजादी के वक्त 1947 में देश के पास कहने को अपनी एक भी सरकारी एयरलाइंस कंपनी नहीं थी। जो थी वो केवल प्राइवेट थी, लेकिन उनके पास ज्यादा बेड़े नहीं थे। लेकिन इसके बावजूद इन 70 सालों में एविएशन सेक्टर में इतना विकास हुआ कि अब आसामान में देशी भारतीय कंपनियों ने अपना डंका बजा दिया है। फिलहाल 13 कंपनियां हैं, जो नियमित तरीके से अपनी उड़ान देश और विदेश में भर रही हैं।
1929 में इस कंपनी ने शुरू की थी अपनी एयरलाइंस
देश में सबसे पहले दिल्ली से 1925 में इंडियन नेशनल एयरवेज ने अपनी फ्लाइट सर्विस शुरू की थी, लेकिन आजादी मिलने के 2 साल पहले ही यह कंपनी बंद हो गई थी। 1947 में देश में तीन प्राइवेट कंपनियां थी, जिनमें इंडियन ट्रांसकॉन्टिनेंटल एयरलाइंस, अंबिका एयरलाइंस और इंडियन ओवरसीज एयरलाइंस शामिल हैं।
ये एयरलाइंस कंपनियां करा रही हैं लाखों यात्रियों को हर साल हवाई यात्रा
भारत में इस वक्त 13 एयरलाइंस कंपनियां मौजूद हैं। इनमें सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया सहित जेट, इंडिगो, गो, एयर एशिया, विस्तारा शामिल हैं। उदारीकरण के बाद से देश में कई लो-कॉस्ट एयरलाइंस कंपनियां भी आई हैं जिनकी वजह से आम आदमी भी हवाई यात्रा कर सकता है। इन कंपनियों के चलते 2026 तक अनुमान है कि भारत विश्व का तीसरा बड़ा देश हवाई यात्रियों की संख्या में बन जाएगा।
सेंटर फॉर एशिया पैसेफिक एसोसिएश्न के मुताबिक, घरेलू एयर ट्रैफिक 25 फीसदी की दर से बढ़ोतरी कर रहा है और इस वित्त वर्ष के अंत तक 130 मिलियन के करीब पहुंचने का अनुमान है। 2016 में भारत ने जापान को यात्रियों की संख्या के मामले में पीछे छोड़ दिया था।