सरकार अमेरिकी कंपनियों को मनाने के लिए टैक्स स्ट्रक्चर में भी बदलाव कर सकती है। दरअसल कोई भी कंपनी किसी भी देश में व्यापार स्थापित करने के लिए वहां के टैक्स पॉलिसी को जानना चाहती है ताकि उसके व्यवसाय को अधिक से अधिक फायदा पहुंचे।
- अमेरिकी कंपनी मेडट्रॉनिक्स पीएलसी और एबॉट लैबोरेटरीज से चल रही है सरकार की बात
सरकार को उम्मीद है कि वह स्वास्थ्य सेवा उत्पाद व डिवाइस बनाने वाली कंपनियों को लुभाने में सफल रहेगी। एक अधिकारी के अनुसार मेडट्रॉनिक्स पीएलसी और एबॉट लैबोरेटरीज से सरकार की बात चल रही है। दोनों कंपनियां भारत में पहले से ही कारोबार कर रही हैं। इससे उन्हें अपनी कारोबारी गतिविधियों को भारत में लाने में आसानी होगी। बता दें की दोनो देशों के ट्रेड वार के बीच अमेरिकी कंपनियां वियतनाम शिफ्ट हो गईं।
- भारत वियतनाम या कंबोडिया से बड़ा बाजार
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्टर्स (फियो) के महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय सहाय ने कहा कि भारत वियतनाम या कंबोडिया से बड़ा बाजार है। इसलिए चीन से बाहर निकलने वाली कंपनियों को भारत अधिक आकर्षित कर सकता है। लेकिन भारत को यह आश्वस्त करना होगा कि वह पिछली तिथि के प्रभाव से कर प्रणाली में कोई बदलाव नहीं करेगा।