पैसेंजर प्लेन खरीदने में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। अब भारत पूरे विश्व में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे नंबर का देश बन गया है। देश भर में मौजूद प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों ने 1000 से अधिक प्लेन का ऑर्डर देने जा रहा है। सिडनी के सेंटर फॉर एशिया पैसेफिक एविएशन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्लेन का अनुपात सर्विस और ऑर्डर में काफी कम था, जो कि अब बढ़कर के 2.2 हो जाएगा।
भारत के पास हैं अभी 400 से अधिक प्लेन
भारत के पास अभी कुल मिलाकर के 480 से अधिक प्लेन हैं। हाल ही में इंडिगो और स्पाइसजेट जैसे लो कॉस्ट एयरलाइंस कंपनियों ने 880 विमानों का ऑर्डर दे रखा है। इसके अलावा जेट एयरवेज और विस्तारा जैसी कंपनियां भी नए विमानों का ऑर्डर देने जा रही हैं। कंपनियों को 700 से अधिक विमानों की आपूर्ति अगले दशक तक होने की उम्मीद है। 400 विमान अगले 5 सालों में मिलने की उम्मीद है।
लेकिन नहीं इतने विमानों के लिए पार्किंग व्यवस्था
भारत में इतने विमानों को खरीदने के बाद उनको खड़ा करने के लिए पार्किंग व्यवस्था नहीं है। अभी देश में जितने भी एयरपोर्ट हैं, उनमें विमानों को खड़ा करने के लिए बड़ी समस्या होने वाली है। दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में रनवे और टैक्सी बे में जगह काफी सीमित है। ऐसे में इन एयरपोर्ट पर 400 से ज्यादा पार्किंग बे का निर्माण करना होगा, जिसके लिए अभी इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है।