देश भर के दिव्यांगों और नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए 1 जुलाई से लागू होने वाले वस्तु व सेवाकर कानून (जीएसटी) किसी भी तरह से फायदेमंद साबित नहीं होने वाला है। केंद्र सरकार द्वारा वित्त मंत्रालय के निर्देशन में बनी जीएसटी काउंसिल ने दिव्यांग, नेत्रहीन व्यक्तियों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले सामान पर टैक्स की उच्चतम सीमा 18 फीसदी तय की है। टैक्स दर ज्यादा होने से उन्हें हर बार अपने लिए सामान खरीदने पर ज्यादा पैसा खर्च करना होगा।
नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए महंगा होगा ब्रेल पेपर खरीदना
जीएसटी के लागू होने के बाद नेत्रहीन व्यक्तियों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले ब्रेल पेपर की कीमत 80 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाएगी, जो कि फिलहाल 72 रुपये प्रति किलोग्राम है। अकेले इस पर 12 फीसदी टैक्स लगाया गया है। इसके साथ ही ब्रेल टाइपराइटर पर भी 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। अभी इस तरह के टाइपराइटर की कीमत 34 हजार रुपये है, जो कि 1 जुलाई से 6120 रुपये महंगा हो जाएगा।
इन पर लगेगा 5 से 18 फीसदी टैक्स
जीएसटी के लागू होने के बाद दिव्यांगों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले सामान जैसे कि गाड़ी, व्हीलचेयर, बैसाखी, ट्राईसाइकिल, वॉकर, कृत्रिम पैर, कान की मशीन, नेत्रहीन व्यक्ति द्वारा प्रयोग की जाने वाली घड़ी पर 5 से 18 फीसदी के बीच टैक्स लगेगा।