स्विस बैंकों में जमा है करोड़ो रुपए
- फोटो : Getty
घरेलू काला धन की घोषणा करने की आगामी एक जून से शुरू होने वाली आय घोषणा योजना -आईडीएस- से वैसे लोगों को मन की शांति मिलेगी जिन्होंने अभी तक काला धन की घोषणा नहीं की है। इस तरह का संदेश आय कर विभाग द्वारा इस योजना के बारे में जारी पहले विज्ञापन से आया है, जो बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय दैनिकों में छपा। आईडीएस 1 जून 2016 से शुरू होगी और चार महीने तक चलेगी। विज्ञापन में कहा गया है --आप करें योगदान, बढ़ायें अपना सम्मान--।
काले धन की घोषणा की योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने वाले इस विज्ञापन में एक बड़ी सी तिजोरी दिखायी गई है जिसमें बंगला, गाड़ी, नकदी, स्वर्ण मुद्राएं, नकदी आदि दिखायी गई है। उसमें कहा गया है कि 1 जून से 30 जून तक अघोषित धन की घोषणा करें और मन की शांति पाएं। साथ ही बताया गया है कि यह एक बार ही मिलने वाला मौका है, इसका लाभ उठायें और समाज केनिर्माण में योगदान करें। इससे समाज में उनकी इज्जत भी बढ़ेगी।
वित्त मंत्रालय ने इस योजना के बारे में इसी महीने 14 सवालों का एक फ्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वैश्चन -एफएक्यू- जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि योजना के तह घोषणा करने वालों को घोषित रकम पर महज 30 फीसदी का कर वसूला जाएगा। इसके अलावा कर के रूप में चुकायी गई रकम पर 25 फीसदी का कृषि कल्याण सेस और 25 फीसदी का जुर्माना वसूला जाएगा। यदि घोषित की गई रकम के मुकाबले कुल राशि को जोड़े तो यह 45 फीसदी बैठता है।
य कर विभाग ऐसे लोगों को यही संदेश देना चाहता है कि एक बार 45 फीसदी का कर चुकाएं और जीवन भर के मन की शांति पाएं। यह शांति इसलिए क्योंकि उक्त अवधि के तहत घोषित रकम पर संपत्ति कर नहीं वसूला जाएगा। यही नहीं, उस रकम के बारे में बाद में कोई पूछताछ या स्क्रूटिनी भी नहीं होगी। बेनामी ट्रांजेक्शन कानून से भी ऐसे लोगों को संरक्षण मिलेगा। आयकर विभाग ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जो भी कर दाता अपनी आय की घोषणा करेंगे, उनकी सूचना गोपनीय रखी जाएगी।