आयकर विभाग कर्ज लेकर नहीं चुकाने वाले डिफॉल्टरों (कर्ज चूककर्ता) की संपत्तियों और खातों का ब्योरा बैंकों के साथ साझा करेगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने सरकारी बैंकों की अपील पर आयकर विभाग को यह निर्देश जारी किया है। बैंकों ने कर्ज भुगतान में चूक करने वाली इकाइयों पर शिकंजा कसने के लिए यह अपील की थी।
सीबीडीटी की ओर से बुधवार को जारी आदेशों के अनुसार, कर विभाग किसी आयकरदाता के आयकर रिटर्न (आईटीआर) से यह ब्योरा निकालेगा। बोर्ड ने अपने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से कहा है कि यह आदेश जनहित में जारी किया गया है। डिफॉल्टरों की संपत्तियों और खातों का ब्योरा बैंकों के साथ साझा करने का मकसद ऐसी इकाइयों के खिलाफ घेरेबंदी करना और उनसे जनता के पैसों की वसूली करना है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से इस बाबत कई आग्रह मिले थे। बैंकों ने ऐसे डिफॉल्टरों की अचल संपत्तियों का ब्योरा मांगा था, जिनसे वह अपने कर्ज के बकाए की वसूली कर सकें। सीबीडीटी ने अपने आदेश में कहा कि डिफॉल्टरों की संपत्तियों का ब्योरा साझा करने के साथ उनके विविध कर्जदारों का ब्योरा भी बैंकों को दिया जाना चाहिए। इससे उन्हें कर्ज वसूलने में मदद मिलेगी, जो पूरी तरह जनहित का मामला है।