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इस तरह इक्विटी बाजार से कमाएं मुनाफा, मिलेगा अच्छा रिटर्न

Mon, 18 Jun 2018 01:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इक्विटी बाजार
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इक्विटी बाजार का रास्ता ठीक उस तरह से मुश्किल भरा होता है, जैसे किसी पहाड़ी पर जाने वाला रास्ता। पहाड़ी पर जाने के रास्ते एक संकरे, घुमावदार और तंग होते हैं और यहां तक कि सड़क ब्लॉक से भरा हो सकता है। लेकिन यह कभी भी सीधा नहीं हो सकता है और ऐसी सड़कों पर ड्राइविंग कभी आसान नहीं होती है। एक अनुभवी चालक जानता है कि इस तरह के जोखिम भरे रास्ते पर अगर डर के चलते कार नहीं चलाया जाए तो वह अपनी मंजिल तक कभी नहीं पहुंचेगा और अगर वह जल्दबाजी करेगा तो उसके लिए यह घातक भी साबित हो सकता है।

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इक्विटी में निवेश आसान नहीं
मेरे यह कहने का आशय आपको यही समझाना है कि इक्विटी में किसी के लिए भी निवेश कभी आसान नहीं रहता है। बाजार में उतार-चढ़ाव या अस्थिरता की डर के कारण अगर कोई निवेशक निवेश नहीं करता है तो वह लंबी अवधि में उचित रूप से अच्छा रिटर्न हासिल करने का मौका खो देगा, लेकिन वह निवेश करता है तो उसे अच्छा रिटर्न मिल सकता है। दूसरी ओर अगर आप जल्दबाजी करते हैं और तुरंत अच्छा रिटर्न के लालच में बाजार में निवेश करते हैं तो यह किसी भी निवेशक के लिए घातक साबित हो सकता है।

निवेशक बाजार की बेहतरी से होते हैं आकर्षित
ज्यादातर निवेशक इक्विटी बाजार की ओर तब आकर्षित होते हैं, जब बाजार अच्छा होता है या ऊपर की ओर जाता है। इस तरह की मानसिकता किसी झुंड से प्रेरित होती है और निवेशक यह देखते हैं कि कोई निवेशक निवेश करता है तो मुझे भी करना चाहिए। इक्विटी बाजार में तेजी के प्रति यह खिंचाव निसंदेह काफी मजबूत होता है और निवेशकों से इसकी कल्पना करना मुश्किल है कि वे इस तेजी में अपना हाथ डालने से अपने आपको रोक पाएंगे। परिणामस्वरूप निवेशकों की प्रतिभागिता बढ़ती है और साथ ही साथ सट्टेबाजी भी। लोग यह उम्मीद करते हैं कि ऊपर चढ़ते शेयर भाव का दौर जारी रहेगा। इससे उनकी लालच और भी बढ़ती जाती है। ज्यादातर निवेशक बिना सोचे-समझे और यहां तक कि अपने खुद के जोखिम तथा समय को बिना ध्यान में रखे निवेश करते हैं।
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चढ़ते बाजार में मुनाफावसूली
अब जैसा की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, मौसमी निवेशक अपने निवेश को कम कर रहे हैं और मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसे देखते हुए मुनाफावसूली करने वाले निवेशकों की संख्या बढ़ती है और इक्विटी की कीमतों में थोड़ी कमी आती है। यह डर के चरण की बस एक शुरुआत होती है। झुंड वाली मानसिकता का पालन करने वाले ज्यादातर निवेशक डर के माहौल में इक्विटी निवेश को किसी भी कीमत पर बेचना चाहते हैं और वह अपने काल्पनिक नुकसान को वास्तविक नुकसान में बदल लेते हैं।

जानकार निवेशक उठाते हैं लाभ
लेकिन इस स्थिति में भी कुछ ऐसे निवेशक होते हैं, जो बढ़त के साथ अपना काम खत्म करते हैं। वे ऐसे निवेशक होते हैं:

1. जो सुनी हुई बातों या मानसिकता से दूर रहते हैं और हकीकत में वे ठीक इसके उलट करते हैं। यानी जब दूसरे बेच रहे होते हैं तो वे खरीदते हैं और जब दूसरे खरीदते हैं तो वे बेचते हैं।
2. जो बाजार की चाल से विचलित नहीं होते हैं और लगातार निवेश करते रहते हैं। ये मौसमी निवेशक होते हैं, जो न तो कभी डर से घबराते हैं और न ही वे लालच में आते हैं तथा लंबी अवधि का नजरिया रखकर इक्विटी संबंधित संसाधनों में निवेश करते रहते हैं।
3. जिनका स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य होता है और इक्विटी में निवेश के मामले में वे अनुशासन का पालन करते हैं।

इस प्रकार, इक्विटी सबसे आकर्षक असेट क्लास है, जो न केवल मुद्रास्फीति को पीछे छोड़ने में मदद करता है, बल्कि लंबी अवधि में परिसंपत्तियों का सर्जन करने में भी मदद करता है। किसी निवेशक को लालच की भावनाओं और डर को नियंत्रित करके एक अनुशासित रूप से लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश करना चाहिए, ताकि वह इसका लाभ ले सके और एक अच्छी खासी परिसंपत्ति का निर्माण कर सके।

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