विज्ञापन के माध्यम से उपभोक्ताओं से किसी भी तरह की धोखाधड़ी निकट भविष्य में बेहद भारी पडने वाली है। ऐसा करने पर अब न सिर्फ विज्ञापन करने वाले सैलिब्रिटी को बल्कि विज्ञापन को छापने-प्रसारण करने वाले माध्यमों के जिम्मेदार लोगों और वस्तु के उपभोक्ता को जेल की हवा खानी होगी।
इस संबंध में केंद्र सरकार जल्द ही नया उपभोक्ता संरक्षण बिल संसद में पेश करने जा रही है। इस बिल का न सिर्फ मसौदा तैयार हो गया है, बल्कि इसे कैबिनेट की मंजूरी दिलाने की अंतिम तैयारी भी कर ली गई है।
सेलिब्रिटी भी आएगा दायरे में
उपभोक्ता मामलों मंत्री रामविलास पासवान ने लोकसभा में बताया कि विस्तृत बातचीत के बाद नया उपभोक्ता संरक्षण बिल का मसौदा तैयार कर लिया गया है। बिल में खराब गुणवत्ता, भ्रामक विज्ञापन सहित उपभोक्ताओं से किसी प्रकार की प्रत्यक्ष या परोक्ष धोखाधड़ी से निपटने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।
मसलन भ्रामक विज्ञापन मामले में विज्ञापन करने वाले सैलिब्रिटी ही नहीं ऐसे विज्ञापनों को छापने-दिखाने वाले माध्यमों, ऐसे वस्तुओं का उत्पान करने वाले निर्माताओं के खिलाफ जेल के साथ-साथ भारी जुर्माने का प्रावधान है।
इसके अलावा नए प्रावधान के मुताबिक अगर संबंधित लॉट का एक उत्पाद खराब है तो उस लॉट के सभी उत्पाद को खराब माना जाएगा।