वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई से ही लागू होगा और इससे वस्तुओं की कीमतों में बहुत ज्यादा इजाफा नहीं होगा, हालांकि कुछ सेवाओं की कीमतों में मामूली बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह बात वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कही है। सीआईआई-कोटक निवेशकों की राउंड टेबल को संबोधित करते हुए जेटली ने यहां कहा कि जीएसटी परिषद अगले कुछ दिनों में अलग-अलग वस्तुओं व सेवाओं पर कर की दरों को अंतिम रूप दे देगी।
उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा अप्रत्यक्ष कर ढांचा काफी जटिल है, जो लोग वस्तुओं व सेवाओं का कारोबार करते हैं उन्हें कई प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी पड़ती है। पूरा देश कई बाजारों में विभाजित था। इसलिए वस्तुओं व सेवाओं की मुक्त आवाजाही संभव नहीं थी। अब जीएसटी के जरिए पूरे देश में केवल एक ही कर होगा।
जीएसटी परिषद ने पूर्व में ही कर के चार स्लैब- 5, 12, 18 और 28 फीसदी निर्धारित कर दिए हैं। अलग-अलग वस्तुओं व सेवाओं पर कर की दर क्या होगी यह तय करने के लिए अब परिषद की अगली बैठक अगले सप्ताह होगी। जेटली ने कहा कि जहां तक वस्तुओं की बात है, कर बढ़ने की संभावना नहीं है, उल्टा यह मामूली रूप से कम हो सकता है। जहां तक सेवाओं की बात है, उन पर कर में स्पष्ट रूप से मामूली वृद्धि होगी।